सपा-बसपा गठबंधन पर अखिलेश यादव ने सपाइयों को दी सीख, भाजपा को लेकर चेताया

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को गठबंधन धर्म का पालन करने की सीख दी है। सपा के प्रदेश कार्यालय में सोशल इंजीनियरिंग की पाठशाला में उन्होंने मंगलवार को ओबीसी नेताओं से कहा कि पार्टी का एजेंडा विकास है और उसका लक्ष्य सामाजिक सद्भाव और लोकतंत्र को मजबूत करना है। राजनीति में जाति-धर्म का घालमेल नहीं होना चाहिए।

अखिलेश ने कहा, भाजपा द्वारा की जा रही ध्रुवीकरण की खतरनाक राजनीति से जनता को सचेत और सतर्क करने की जरूरत है। भाजपा का छिपा एजेंडा है कि समाज में असंतोष पैदा हो और विषमता बढ़े। गोरखपुर और फूलपुर में सपा की जीत से भाजपा की बोली बिगड़ गई है, भाषा की मर्यादा टूट गई है। वह अपने कुप्रचार से 2019 के चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में है।

अखिलेश बोले, सपा- बसपा के परस्पर सहयोग को षडयंत्र बताया जा रहा है। योगी सरकार अपराधों पर रोक नहीं लगा पाई। कानून की धज्जियां उड़ रही हैं। यह सरकार बेटी बचाओ का नारा देती है और बच्चियां रोज दुष्कर्म की शिकार हो रही हैं।

उन्होंने कहा, आरएसएस और भाजपा की नीतियां सामाजिक न्याय की विरोधी हैं। सपा आबादी के हिसाब से अधिकार और अवसर की मांग करती है। कर्ज, बेकारी और गरीबी से तंग आकर चार वर्ष में करीब 50 लाख किसान खेती छोड़ चुके हैं। स्कूलों में घटिया किस्म के बैग और स्वेटर बांटे गए जो कुछ ही दिनों में फट गए। लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को सफलता दिलाने में सभी एकजुट होकर काम करें।