गाजियाबाद- गाजियाबाद लंबे समय से भारत के सबसे प्रदूषित जिलों में गिना जाता है। यहां वाहनों की संख्या, औद्योगिक इकाईयां और निर्माण कार्य वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है। सर्दियों में स्मोग की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
नोएडा- नोएडा में तेजी से बढ़ता शहरीकरण, भारी ट्रैफ़िक और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र प्रदूषण को बढ़ाते हैं। यहां हवा में पीएम 2.5, पीएम 10 का स्तर अक्सर खतरनाक सीमा से ऊपर पाया जाता है।
दिल्ली- राजधानी दिल्ली का लगभग हर जिला प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य, औद्योगिक प्रदूषण और पराली जलाना व नदियों की गंदगी इसकी मुख्य वजह है। सर्दियों में स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाती है।
कानपुर- कानपुर में चमड़ा उद्योग फैक्ट्री और गंगा नदी में गिरने वाला कचरा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। वायु के साथ-साथ जल प्रदूषण भी इसकी बड़ी समस्या है।
फरीदाबाद- फरीदाबाद एक प्रमुख औद्योगिक जिला है। यहां की फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं, डीजल वाहनों की अधिकता और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी प्रदूषण का स्तर बढ़ाती हैं।









