भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर इमारत अपने अंदर हजारों साल का इतिहास समेटे हुए है। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है भारत का सबसे पुराना – कांगड़ा किला। यह किला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है और अपनी प्राचीनता और मजबूत बनावट के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि कांगड़ा किले का निर्माण त्रिगर्ता राज्य के राजाओं ने कराया था। इसका इतिहास लगभग 3500 साल से भी ज्यादा पुराना माना जाता है। महाभारत काल से जुड़े कई उल्लेखों में भी इस किले का नाम मिलता है, जिससे इसकी ऐतिहासिक अहमियत और बढ़ जाती है। अपने लंबे इतिहास में इस किले ने कई आक्रमण देखे हैं। सबसे पहले महमूद गजनवी ने इस पर हमला किया। इसके बाद मुगल शासक अकबर, फिर जहांगीर और अंत में महाराजा रणजीत सिंह ने इस किले पर शासन किया। हर शासक ने इस किले को अपने समय में और मजबूत बनाया। कांगड़ा किला पहाड़ी पर स्थित है और इसके चारों तरफ गहरी खाइयाँ और ऊँची दीवारें हैं। किले के अंदर मंदिर, महल, दरबार और पानी के कुंड मौजूद हैं। ब्यास और बाणगंगा नदियों का संगम इसे प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है। आज कांगड़ा किला सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। यह किला हमें हमारे वीर राजाओं, संघर्षों और समृद्ध इतिहास की याद दिलाता है। यही कारण है कि कांगड़ा किला भारत का सबसे पुराना और ऐतिहासिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण किला माना जाता है।









