निशांत सिंह
पूर्वी दिल्ली 18 अक्टूबर। दिल्ली पुलिस द्वारा पूर्वी जिले में नशे के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ड्रग तस्करों, कैरियरों एवं उनके स्रोतों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी क्रम में, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड की एक विशेष टीम गठित की गई। स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और मानव खुफिया जानकारी एकत्र की गई।
बीते शुक्रवार को एएनएस टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति, जिसका नाम “समीर सैफी” है, सर्विस रोड, एनएच-24, ईस्ट विनोद नगर बस स्टैंड, पांडव नगर, दिल्ली के पास “स्मैक” की सप्लाई देने आने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर जाल बिछाया और संदिग्ध व्यक्ति मोहम्मद समीर सैफी, निवासी जननत मस्जिद के पास, बनजारा चैक, विजय नगर, गाजियाबाद (उ.प्र.), उम्र 23 वर्ष, को पकड़ लिया। उसकी तलाशी लेने पर 43.02 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत एफआईआर थाना पांडव नगर, दिल्ली में दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में आरोपी/कैरियर समीर सैफी ने बताया कि उसे यह स्मैक सौरभ सिंह (निवासी ग्राम पडेड़ा, बरेली, उ.प्र.) से मिलती है, जिसे वह होशियार कुमार / अजय / लालू (निवासी झुग्गी जवाहर मोहल्ला, शशि गार्डन, पटपड़गंज, दिल्ली) को सप्लाई करता है। आगे की जांच में, दिनांक 08.10.2025 को आरोपी/रिसीवर/ड्रग पेडलर होशियार कुमार / अजय / लालू को भी गिरफ्तार किया गया, और उसकी निशानदेही पर 16.50 ग्राम स्मैक बरामद की गई। “यह स्पष्ट हो गया कि जब तक सोर्स को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक मादक पदार्थों की सप्लाई दिल्ली में जारी रहेगी।” पूरे सिंडिकेट को खत्म करने के लिए एएनएस टीम को निर्देशित किया गया कि उत्तर प्रदेश स्थित सोर्स ‘सौरभ’ को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। तदनुसार, आरोपी समीर सैफी का पुलिस रिमांड लेकर उससे पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर, दिनांक 16-17.10.2025 की मध्य रात्रि में बरेली (उ.प्र.) में तकनीकी व मैनुअल इनपुट्स के आधार पर गहन खोजबीन के बाद टीम ने स्रोत सौरभ सिंह (निवासी ग्राम पडेड़ा, बरेली, उ.प्र., उम्र 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 103 ग्राम स्मैक बरामद की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी है।
पूछताछ के दौरान, आरोपी होशियार कुमार / अजय / लालू और मोहम्मद समीर सैफी ने बताया कि वे दोनों विजय नगर, गाजियाबाद (उ.प्र.) में नशे का सेवन करते हुए एक-दूसरे से मिले थे। बाद में उन्होंने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में “स्मैक” बेचने का धंधा शुरू किया। समीर सैफी अपने स्रोत सौरभ सिंह (ग्राम पडेड़ा, बरेली, उ.प्र.) से थोड़ी मात्रा में “स्मैक” लाकर होशियार कुमार / अजय / लालू को देता था, जो इसे छोटे पैकेटों (पाउच) में बेचता था। उनका मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ था, क्योंकि उन्हें नशे की तस्करी से अवैध रूप से त्वरित पैसा मिलता था। सौरभ सिंह, जो कि स्रोत था, बरेली (उ.प्र.) से “स्मैक” जैसी मादक दवाओं की आपूर्ति दिल्ली के स्थानीय तस्करों को करता था, जो एक संगठित अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा था। तीनों आरोपी आर्थिक लाभ की लालसा में, शहरी क्षेत्रों में नशे की लत से जूझ रहे लोगों का शोषण कर रहे थे।









