Yogi Adityanath – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Mon, 28 Jul 2025 09:55:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Yogi Adityanath – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 मिलावटखोरी सामाजिक अपराध ! https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%9f%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%9f%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7/#respond Wed, 14 May 2025 13:38:45 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=9471 निशांत सिंह
लखनऊ। दूध मिलावटी, पनीर मिलावटी, खोआ हम खा रहे, या वो हमारी जान ले रहा, कोई नहीं जानता। मसाला से लेकर दवाओं तक, सब्जी-फल से लेकर अनाज तक, मिलावटखोरी का अपराध हर जगह घर बना चुका है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को चेतावनी दी, मिलावट खोरों को चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि मिलावटखोरी सामाजिक अपराध है, ऐसे अपराधियों की तश्वीरें चैराहों पर टांगो। उत्तर प्रदेश में खाने-पीने की चीजों में मिलावटखोरी और नकली दवाओं के कारोबार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा फैसला लिया है। सीएम ने दो टूक कहा है कि लोगों की सेहत से जुड़ा विषय गंभीर इससे किसी भी तरह का खिलवाड़ करने के लिए कोई माफी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी तस्वीरें मुख्य चैराहों पर लगाई जाएं। जिससे जनता उनको पहचान से और और समाज में उनके प्रति नकारात्मक संदेश जाए.

मिलावट हमारी जिंदगी का हिस्सा कैसे बनता जा रहा
मिलावटखोरी हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा, उसी अपराध को हम अपनी पसंद बनाते जा रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के कारोबार को ‘सामाजिक अपराध’ करार दिया। बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि तेल, घी, मसाले, दूध, पनीर जैसी रोजाना उपभोग की चीजों की जांच उत्पादक इकाई पर ही कराने का प्रयास किया जाए. दूध व दुग्ध उत्पादों की विशेष रूप से सघन जांच के लिए टीमें बनाई जाएं जो लगातार निगरानी रखें।

सेहत की रक्षा हमारी ड्यूटी होनी चाहिए-योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने साथ ही कहा कि पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान कर इस पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ होना चाहिए। नकली दवाओं के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस के साथ विभागीय समन्वय को और बेहतर बनाया जाए जिससे गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।

विभागीय एप और टोल फ्री नंबर
आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ नामक मोबाइल ऐप और टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण तभी मान्य माना जाए जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो। खाद्य सुरक्षा की प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एफएसडीए ने पासवर्ड-संरक्षित बारकोड प्रणाली लागू की है, जिससे नमूनों के विश्लेषण की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित होती है। प्रत्येक नमूने का परीक्षण वैज्ञानिकों द्वारा डिजिटल माध्यम से किया जाता है और उच्च अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही वह विश्लेषण मान्य माना जाता है।

‘लैब नेटवर्क का विस्तार हुआ’
मुख्यमंत्री को बताया गया कि यूपी में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है. छह प्रमुख मंडलों के अलावा अब अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, कानपुर, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और देवीपाटन मंडलों में भी नई प्रयोगशालाएं और कार्यालय स्थापित किए गए हैं. लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में तीन आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं।

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एनजीटी बनाने का मकसद आहत नहीं होना चाहिए https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%86%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%a8/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%86%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%a8/#respond Sat, 22 Feb 2025 14:10:54 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=9230 शैलेश सिंह
एक तो कुंभ टाइम, दूसरा करोड़ों लीटर भंैस का खून-पानी यमुना में मिल रहा! भला बताओ इसे कोई पीकर दिखा सकता है? अगर नहीं तो इसे संगम मिलन से कैसे रोका जा सकता है। लिहाजा एनजीटी को प्रदूषण बोर्ड खत्म करना चाहिए, या सुप्रीम कोर्ट को सिफारिश लिखनी चाहिए। एक तो दुनिया का सबसे बड़ा मेला, फिर उसी आस्था को खंडित बताती प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट। क्योंकि यूपी प्रदूषण ने लिखा गंगा का पानी पीने लायक है, केंद्रीय प्रदूषण ने लिखा गंगा का पानी नहाने लायक भी नहीं, उसमे वो जीवाणु मिले हैं जो जानवरों के खून में होते है। भला बताओ एक रिपोर्ट पीने लायक लिख रही, दूसरी रिपोर्ट नहाने लायक भी नहीं लिख रही, अब वही दोनों रिपोर्ट एनजीटी की सुनवाई का हिस्सा हैं, और दो में एक रिपोर्ट झूठी है। अब सवाल है कि इन्हीं अफसरों ने एनजीटी में और कितनी झूठी रिपोर्ट दी होगीं, झूठ के आधार पर कितने मामले खराब कराये होंगे, सुनवाई भटकायी होगीं, इसे नकारना सिर्फ बेईमानी है। लिहाजा आसान है कहना कि एनजीटी के आदेश का कोई फायदा नहीं हुआ, गाइडलाइन बनाना-ना-बनाना एक जैसा रहा, मगर एनजीटी बनाने के मकसद को नुकसान होने लगा, आस्था की भी रक्षा नहीं हो पाई। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को गंभीर होना चाहिये, अपनी बनाई हुई संस्था की सफलता-असफलता पर विचार करना चाहिए, क्योंकि जिस देश की कोई नदी पीने लायक नहीं, हवा सांस लेने लायक नहीं, सब्जी-फल हम खा रहे, या वो हमें पी रहे, इसपर विचार नहीं, पर्यावरण से सम्बंधित 9 अहम कानून का फायदा नहीं। 12 साला सुनवाई में कई गाइडलाइन बनाना-ना-बनाना एक जैसा देखा जाये, उस देश का भविष्य अच्छा नहीं कहा जा सकता, जिस देश की प्राकृतिक संपदायें अपराध के कब्जे में हों, वहां का कानून सुप्रीम हाथ में जाना चाहिए।

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षड़यंत्र करने से बाज नहीं आते सनातन धर्म के विरोधी : योगी आदित्यनाथ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b7%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b7%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82/#respond Sat, 01 Feb 2025 08:25:03 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8676 महाकुम्भनगर,01 फरवरी: मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज महाकुम्भ पहुंचे। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने कुम्भमेला क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद त्रिवेणी संगम स्थल जहां पर हादसा हुआ था, वहां पहुंचकर मुख्यमंंत्री ने मेलाधिकारी से पूछताछ की। इसके बाद वह त्रिवेणी संगम पर ही सतुआ बाबा के शिविर में आयोजित पट्टाभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सतुआ बाबा और कमलदास का टीका लगाकर अभिनंदन किया। जगद्गगुरु राम भद्राचार्य व महंत राजेन्द्रदास का भी आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरोधी लोगों को गुमराह करके सनातन धर्म के खिलाफ षड़यंत्र करने से बाज नहीं आते। ऐसे लोगों से सावधानी रखते हुए संतों के सानिध्य में हमें आगे बढ़ना होगा । सनातन धर्म ही मानव धर्म है। सनातन रहेगा तो मानव धर्म रहेगा। मौनी अमावस्या के दिन एक बड़ी चुनौती हम सबके सामने आयी। उन स्थितियों में परिवार भाव के साथ खड़े होकर संतों ने पूरे धैर्य के साथ सामना करते हुए उससे उबारने का काम किया। सनातन के विरोधी इस तरह से बातों का प्रसार कर रहे थे, जिससे संतों का धैर्य जवाब दे। संतों ने महाकुंभ के आयोजन को अपना आयोजन माना। मां गंगा के प्रति महाकुंभ के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए सकुशल आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 32 करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां आ चुके हैं। यहां की परम्परा व गाथा के बारे में गुणगान कर रहे हैं। यह गुणगान व्यक्ति का नहीं सनातन का है। सनातन धर्म के अ​भियान को आगे बढ़ाने वाले दो संतों को रामानंद सम्प्रदाय में जगद्गुरू बनाने का कार्य संपन्न हो चुका है। जैसा नाम वैसा ही काम है। कमल दास कमल जैसे मुलायम हैं। कभी किसी के अमंगल के बारे में नहीं सोचते हैं। पूरी सहजता व सरलता के साथ उनका पूरा जीवन सनातन धर्म के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ा है। वहीं दूसरे जो सदैव सबको संतुष्ट रखते हैं। सतुआ बाबा को विष्णुस्वामी संतोषाचार्य के रूप में यहां पट्टाभिषेक किया गया है। जहां कहीं सनातन मूल्यों की बात आती है वह खड़े होते हैं।

विधर्मियों ने सर उठाए, भगवान सत्य के रूप में हुए प्रकट

जूना अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि जब-जब विधर्मियों ने वेद विरूद्ध जीवन जीने वाले उन्मादियों ने अपने सर उठाये हैं, तब भगवान स्वयं सत्य के रूप में प्रकट हुए हैं। अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि योगी के संरक्षण में पूरा संत समाज सुरक्षित है। जब से योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का शासन अपने हाथों में लिया है, तब से सनातन का सूर्य दुनिया को आलोकित कर रहा है। आज धर्म अध्यात्म व योग के प्रति मान्यता बढ़ी है। इस मौके पर बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, योगी बालकनाथ, राजेन्द्र दास, हनुमानगढ़ी के महंत मुरली दास, राजू दास समेत बड़ी संख्या में संत उपस्थित रहे।

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सात्विक राजनीति के उन्नायक बन कर उभरे योगी आदित्यनाथ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be/#respond Mon, 27 Jan 2025 11:15:12 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8362 सनातन संत के संयोजन में प्रयागराज कुंभ का अद्भुत स्वरूप उभर रहा है। वैश्विक पटल पर सनातन की गूंज है। विश्व आश्चर्यचकित है। कई देशों की उतनी आबादी नहीं है जितने श्रद्धालु प्रतिदिन पवित्र त्रिवेणी में स्नान कर रहे हैं। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर में कुंभ का आरंभ किया उसके बाद की व्यवस्था सम्भाल रहे योगी आदित्यनाथ वास्तव में सात्विक शासक बन कर उभरे हैं। इसे सात्विक राजनीति का उन्नयन काल भी कहा जा सकता है। एक तरफ विश्व संत्रस्त है। अनेक देश युद्ध की विभीषिका में घिरे हैं। मानवता कराह रही है। स्त्रियों, वृद्धों, मासूम बच्चों की लाशें गिनती से बाहर हैं। पश्चिम में बारूद ही बारूद है। भारत के पास पड़ोस में भी बारूदी धुएं से वातावरण दूषित है। मनुष्य ही मनुष्य का दुश्मन बनकर रक्तपिपासु हो गया है। कई वर्षों से आसमान में तोप, रॉकेट और सुपरसोनिक युद्धक विमान कोहराम मचाए हुए हैं। ऐसे माहौल में भारत की सनातन संस्कृति अपने सृष्टि पर्व के माध्यम से विश्व के कल्याण का उदघोष कर रही है।

सनातन संत परंपरा और सात्विक राजनीति के उन्नायक योगी आदित्यनाथ के संयोजन में प्रयागराज के त्रिवेणी तट से जो संदेश विश्व को प्रसारित हो रहा है वह नए भारत के प्राचीन गौरव के साथ बहुत कुछ कह रहा है। योगी आदित्यनाथ ने इस महा आयोजन को उतना ही गौरवशाली बना दिया है। योगी के अथक परिश्रम से यह कुंभ विश्व को भारत के सात्विक सनातन और समन्वय की राजनीति का भी संदेश दे रहा है। यह भारत के अध्यात्म की ध्वज तरंग को डिग दिगंत तक प्रसारित करने वाला है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सभी अखाड़ों, संप्रदायों, जगद्गुरुओं और शंकराचार्यों के साथ ही समस्त नागा एवं संत समाज इस समय योगी आदित्यनाथ के इस परिश्रम और उनके दिव्य संयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि समस्त विद्वत और संत समाज एक स्वर से अपने शासक की तारीफ कर रहा हो। भारत की प्राण मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी तट पर प्रयागराज में करोड़ों लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। यह अद्भुत है। प्रधानमंत्री मोदी का विश्वगुरु भारत का सपना साकार हो रहा है। प्रयाग की धरती से भारत विश्व को मानवता और लोक कल्याण का संदेश दे रहा है। भारत की संस्कृति, अध्यात्म और आस्था के आगे विश्व नतमस्तक है। धरती का हर कोना प्रयागराज से आकर्षित है। सभी यहां आना चाहते हैं। सभी पवित्र त्रिवेणी में डुबकी भी लगाना चाहते हैं। यह वास्तव में विश्व के अन्वेषकों और चिंतनशील शोधार्थियों के लिए कौतुक जैसा है।

ऐसा क्यों है, यह विचारणीय है। अभी कुछ ही दिन हुए, 26 दिसंबर 2024 को द हिंदू ने हिंसाग्रस्त विश्व के हालातों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2024 में कई ऐसे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष हुए, जिन्होंने भू-राजनीतिक परिदृश्य और वैश्विक स्थिरता को चुनौती दी। यूक्रेन में चल रहे युद्ध से लेकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव तक , इस वर्ष गठबंधनों में बदलाव और विनाशकारी सैन्य अभियान देखने को मिले। इन संकटों का प्रभाव उनके तत्काल क्षेत्रों से कहीं आगे तक फैला, जिसने दुनिया भर में राजनयिक संबंधों और रणनीतिक प्राथमिकताओं को प्रभावित किया। रिपोर्ट में कहा गया कि बीते वर्ष की शुरुआत रूस द्वारा यूक्रेन के विरुद्ध 2022 के युद्ध को जारी रखने के साथ हुई , जिसका उद्देश्य उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को अपनी सीमाओं की ओर बढ़ने से रोकना था। गाजा पट्टी, लेबनान और लेबनान का खूनखराबा सामने है। हमास, हिजबुल्ला, हूथी का खौफनाक चेहरा दुनिया देख रही है। इजराइल सबसे मुकाबला कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के साथ ही यूक्रेन को अमेरिका से मिलने वाले समर्थन में बदलाव आने की संभावना बनी। इस बीच, क्षेत्र में ईरानी प्रॉक्सी कमजोर हो गए हैं, जिससे इजराइल को अपनी क्षेत्रीय स्थिति को और मजबूत करने का मौका मिल गया है। 12 दिसंबर 2024 से पहले के 12 महीनों के लिए 10 देशों को चरम संघर्ष वाले देशों की श्रेणी में रखा गया है। ये हैं – फिलिस्तीन, म्यांमार, सीरिया, मैक्सिको, नाइजीरिया, ब्राज़ील, लेबनान, सूडान, कैमरून और कोलंबिया। 2024 में साल एक जनवरी से 13 दिसंबर तक, युद्ध, विस्फोट, दूरस्थ हिंसा और नागरिकों के खिलाफ हिंसा में 200,000 से अधिक लोग मारे गए। इस मृत्यु दर का लगभग आधा हिस्सा मुख्य रूप से तीन देशों से आता है: यूक्रेन, फिलिस्तीन और म्यांमार। हालांकि वास्तविक मौतों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। पिछले वर्षों में, अफगानिस्तान में संघर्ष से संबंधित मौतों का एक बड़ा हिस्सा रहा है, खासकर तालिबान द्वारा सरकार पर कब्जा करने से पहले। यह संकट अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, संघर्ष समाधान और मानवीय हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता की कड़ी याद दिलाते रहे। इस रिपोर्ट में सब कुछ सत्य नहीं है किंतु सत्य के काफी निकट अवश्य है। वैश्विक परिदृश्य में सनातन भारत की यह खगोलीय महावैज्ञानिक घटना अपने 46 दिनों की इस अवधि में बहुत कुछ स्थापित करने वाली है। यह सनातन भारत की आत्मिक शक्ति है जिसके आगे दुनिया नतमस्तक है। यही है कुंभ और यही है भारत की वह भारतीय सनातनी परंपरा जो भारत को विश्वगुरु बना देती है।

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प्रयागराज का महाकुम्भ अविस्मर्णीय व अकल्पनीय है : योगी आदित्यनाथ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%85%e0%a4%b5/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%85%e0%a4%b5/#respond Wed, 22 Jan 2025 09:06:47 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7901 एक सप्ताह के अंदर सवा नौ करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में किया स्नान

महाकुंभनगर, 22 जनवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को प्रयागराज महाकुम्भ के त्रिवेणी संकुल में मंत्रि परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद ​त्रिवेणी संकुल के अरैल सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि​ प्रयागराज का महाकुंभ अविस्मर्णीय व अकल्पनीय है। महाकुंभ में पहली बार उत्तर प्रदेश का मंत्रिमण्डल उपस्थित है। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े हुए नीतिगत ​मुद्दों पर चर्चा हुई है। इसके साथ ही प्रयागराज के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में पीपीपी मोड पर तीन नये जनपदों में मेडिकल कालेजों के निर्माण को मंजूरी दी गयी है। उन्होंने बताया कि बागपत, कासगंज और हाथरस में मेडिकल कालेजों का निर्माण होगा। बलरामपुर में अटल जी के नाम से केजीएमयू का सेंटर बनेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रयागराज वाराणसी और आगरा इन तीन स्थलों पर तीनों के बांड जारी होंगे। अब तक लखनऊ और गाजियाबाद के लिए बांड जारी किये गए थे। प्रयागराज के महत्व को आप देख रहे हैं। वैश्विक मंच पर प्रयागराज दिखाई दे रहा है। पिछले एक सप्ताह के अंदर सवा नौ करोड़ श्रद्धालुओं ने आकर प्रयागराज संगम में स्नान किया है। वह अविस्मर्णीय व अकल्पनीय है।

उन्होंने बताया कि प्रयागराज के लिए एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए बांड जारी होगा। ऐसे ही आगरा के लिए बांड जारी होने जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद काशी वैश्विक पटल पर छा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज के जिस महाकुंभ को ध्यान में रखकर प्रयागराज के साथ—साथ इस पूरे क्षेत्र का सांस्कृतिक दृष्टि से विकास किया गया। जो प्रधानमंत्री का विजन है। सरकार ने तय किया है कि लखनऊ के आसपास के जनपदों को मिलाकर एक डेवलपमेंट रीजन बनाया है। उसी तरह प्रयागराज डेवलपमेंट रीजन बनाया जायेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मिर्जापुर और मिर्जापुर से संत रविदास नगर होते हुए काशी, चंदौली और गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में जुडे़गा। इसके अलावा वाराणसी और चंदौली से मिनी एक्सप्रेसवे सोनभद्र को जोड़ते हुए नेशनल एक्सप्रेसवे से जुडे़गा।

उन्होंने बताया कि वाराणसी-विंध्य को एक डेवलेपमेंट रीजन बनाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जायेगा। इससे यहां के न केवल पर्यटन की दृष्टि से यहां पर रोजगार के सृजन में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। चित्रकूट और प्रयागराज को गंगा एक्सप्रेस के साथ जोड़ने की कार्यवाही हो रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खासतौर पर प्रदेश के जो महत्वपूर्ण मामले हैं उनमें डिफेंस से संबंधित जो पालिसी है जिसे 2018 में बनी थी उसे नये सिरे से बनाये जाने के बारे में चर्चा हुई। एफडीआई के अंतर्गत जो-जो निवेश प्रदेश में हुआ है, उसपर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्मार्ट फोन और टेबलेट उपलब्ध कराने के लिए धनराशि की व्यवस्था की है।

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