Netra Kumbh – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Mon, 27 Jan 2025 08:45:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Netra Kumbh – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 नेत्र कुम्भ के प्रति बढ़ रहा विदेशी श्रद्धालुओं का आकर्षण https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0/#respond Mon, 27 Jan 2025 08:45:23 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8286 महाकुम्भ नगर, 27 जनवरी: नेत्र कुम्भ के प्रति विदेश से आये श्रद्धालुओं का भी आकर्षण बढ़ता जा रहा है। श्रद्धालु संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने के साथ ही नेत्र कुम्भ परिसर का भी अवलोकन कर रहे हैं। नेत्र चिकित्सा सेवा व्यवस्था देखकर वे अभिभूत हैं। इन श्रद्धालुओं को योगा के प्रति भी विशेष लगाव है। लोग अपने-अपने देश में योगा के माध्यम से लोगों की चिकित्सा कर रहे हैं।

स्वामी महेश्वरानंद गिरि के तीन शिष्य सोमवार को कुम्भनगर के सेक्टर 6 स्थित बजरंगदास मार्ग पर नेत्र कुम्भ परिसर में आये। इनमें से हेमवती हिमालया आस्ट्रिया की रहने वाली है। वहीं जया माता एवं भगवान पुरी पोलैंड के निवासी है। तीनों स्वामी महेश्वरानंद गिरी के शिष्य हैं। जयादेवी माता तो दो दशक से योगा के माध्यम से लोगों के रीढ़ की हड्डी की बीमारी दूर कर रही है। तीनों कुछ दिनों के लिए महाकुम्भ में आये हैं। फिर अपने-अपने देश चले जायेंगे। इन लोगों ने स्वामी महेश्वरानंद गिरी का शिष्य बनने के बाद अपना नाम भी बदल दिया। इनका नाम अब सनातनी है।

महाकुम्भ में हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था देखकर तीनों अभिभूत हैं। इन लोगों का कहना है कि यहां के विशाल सांस्कृतिक समागम देखकर वे आश्चर्यचकित है। नेत्र कुंभ का आयोजन तो और अद्भुत है। यहां की व्यवस्था की जितनी प्रशंसा की जाये कम है। इसके लिए सामाजिक संस्था ‘सक्षम’ के पदाधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं। नेत्र रोगियों के आंखों की जांच, उन्हें चिकित्सकीय परामर्श फिर निःशुल्क चश्मा वितरण का कार्य चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय है।

इस संदर्भ में नेत्र कुम्भ आयोजन समिति की मीडिया कोआर्डिनेटर डाक्टर कीर्तिका अग्रवाल ने बताया कि यहां की चिकित्सा सेवा व्यवस्था देशी-विदेशी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। प्रतिदिन लोग यहां की व्यवस्था देखने और समझने आ रहे हैं। यहां की व्यवस्था अविस्मरणीय है।

]]>
https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0/feed/ 0