Mahakumbh – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Wed, 26 Feb 2025 08:32:47 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Mahakumbh – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 महाशिवरात्रि पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d/#respond Wed, 26 Feb 2025 08:32:46 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=9330 अयोध्या, 26 फ़रवरी: रामनगरी में महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था का ज्वार उमड़ रहा है। देर रात से ही लाखों श्रद्धालु महाकुंभ से स्नान करके श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस दौरान आसपास के जनपदों से भी श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए रामनगरी आ रहे हैं।

राम नगरी के प्रमुख शिव मंदिरों नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ की शिव वारात के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। बुधवार रात तक अनुमान है कि बुधवार तक श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख तक पहुंच सकती है।

महाकुम्भ का पलट प्रवाह और महाशिवरात्रि की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के बेहतर इंतजाम किए हैं। राम पथ के सभी बैरिकेडिंग के कट बन्द कर दिए गए हैं साथ ही साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस तैनात की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। इस दौरान श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ महाशिवरात्रि की पूजा कर रहे हैं, जिससे अयोध्या में आस्था का वातावरण बना हुआ है। सरयू नदी में पवित्र स्नान के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ जमी हुई है। राम पैड़ी पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर भोर से ही श्रद्धालु भारी संख्या भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं। हर वर्ष नागेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि भीड़ को देखते हुए शिव वारात का समय बदला गया है। पहले यह रात 8 वजे से 10 बजे तक निकलनी थी, लेकिन अव भीड़ का दवाव कम होने के पर रात 9 बजे के बाद निकलेगी। बारात का मार्ग छोटा किया गया है, वहीं वाहनों और बारातियों की संख्या को सीमित रखा गया है। हालांकि आयोजकों का दावा है कि शिव वारात का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा, जिसमें नागेश्वरनाथ मंदिर बाराती पक्ष होगा, जवकि क्षीरेश्वरनाथ मंदिर घराती बनेगा। शिव विवाह की रस्म रात्रि में पूरी होगी।

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एनजीटी बनाने का मकसद आहत नहीं होना चाहिए https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%86%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%a8/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%86%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%a8/#respond Sat, 22 Feb 2025 14:10:54 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=9230 शैलेश सिंह
एक तो कुंभ टाइम, दूसरा करोड़ों लीटर भंैस का खून-पानी यमुना में मिल रहा! भला बताओ इसे कोई पीकर दिखा सकता है? अगर नहीं तो इसे संगम मिलन से कैसे रोका जा सकता है। लिहाजा एनजीटी को प्रदूषण बोर्ड खत्म करना चाहिए, या सुप्रीम कोर्ट को सिफारिश लिखनी चाहिए। एक तो दुनिया का सबसे बड़ा मेला, फिर उसी आस्था को खंडित बताती प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट। क्योंकि यूपी प्रदूषण ने लिखा गंगा का पानी पीने लायक है, केंद्रीय प्रदूषण ने लिखा गंगा का पानी नहाने लायक भी नहीं, उसमे वो जीवाणु मिले हैं जो जानवरों के खून में होते है। भला बताओ एक रिपोर्ट पीने लायक लिख रही, दूसरी रिपोर्ट नहाने लायक भी नहीं लिख रही, अब वही दोनों रिपोर्ट एनजीटी की सुनवाई का हिस्सा हैं, और दो में एक रिपोर्ट झूठी है। अब सवाल है कि इन्हीं अफसरों ने एनजीटी में और कितनी झूठी रिपोर्ट दी होगीं, झूठ के आधार पर कितने मामले खराब कराये होंगे, सुनवाई भटकायी होगीं, इसे नकारना सिर्फ बेईमानी है। लिहाजा आसान है कहना कि एनजीटी के आदेश का कोई फायदा नहीं हुआ, गाइडलाइन बनाना-ना-बनाना एक जैसा रहा, मगर एनजीटी बनाने के मकसद को नुकसान होने लगा, आस्था की भी रक्षा नहीं हो पाई। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को गंभीर होना चाहिये, अपनी बनाई हुई संस्था की सफलता-असफलता पर विचार करना चाहिए, क्योंकि जिस देश की कोई नदी पीने लायक नहीं, हवा सांस लेने लायक नहीं, सब्जी-फल हम खा रहे, या वो हमें पी रहे, इसपर विचार नहीं, पर्यावरण से सम्बंधित 9 अहम कानून का फायदा नहीं। 12 साला सुनवाई में कई गाइडलाइन बनाना-ना-बनाना एक जैसा देखा जाये, उस देश का भविष्य अच्छा नहीं कहा जा सकता, जिस देश की प्राकृतिक संपदायें अपराध के कब्जे में हों, वहां का कानून सुप्रीम हाथ में जाना चाहिए।

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कुम्भ को एनजीटी का कोई फायदा नहीं हुआ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%af/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%af/#respond Sat, 22 Feb 2025 04:30:00 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=9226 खून, चर्बी से बजबजाते नाले भी बताने लगे कि फैक्ट्रियों पर अफसरों का नियंत्रण खत्म हो गया, उनकी चैकीदारी अपराध के कब्जे में जा चुकी है मगर कुंभ के समय भी करोड़ों लीटर खून पानी यमुना में मिल रहा। संगम पहुंचने से नहीं बच रहा तो साफ है कि एनजीटी की सुनवाई का स्तर तेजी से गिरा है। एनजीटी का आदेश हो, गाइडलाइन हो, कोई फायदा नहीं मिला।
केन्द्रीय प्रदूषण ने लिखा कि गंगा का पानी नहाने लायक भी नहीं बचा। उ0प्र0 प्रदूषण ने रिपोर्ट दी कि गंगा का पानी पीने लायक है इससे यह तो साफ हो गया कि 2 में एक झूठी है, चूंकि सुनवाई में झूठ रिपोर्ट दी, इसलिए एनजीटी को कड़ा फैसला लेना चाहिए, केन्द्र और राज्य प्रदूषण में एक को खत्म करना चाहिए या सुप्रीम कोर्ट को सिफारिश लिखनी चाहिए क्योंकि अफसरों की रिपोर्ट कानून के कान मरोड़ने लग जाए, नदियों के नाश की निशानी बनने लगे, तो कानून की लगाम सुप्रीम कब्जे में जानी चाहिए, या एनजीटी को अपनी सुनवाई, अपने आदेश दोंनो का रूप बदलना चाहिए।
एक तरफ दुनिया में सबसे ज्यादा भीड़ वाला मेला कुंभ आस्था का प्रतीक बन रहीं, दूसरी तरफ उसी आस्था पर सुप्रीम कोर्ट की एजेंसियां, उनकी निगरानी कलंक साबित हो रहीं। यही जानने के लिए राष्ट्रीय समस्या टीम ने 5 जिलों की फैक्ट्रियां देखीं, उनके उत्पात की फोटो वीडियो बनाईं जो सच्चाई सामने आई, वह डरावनी है। अदालती सुनवाई का हिस्सा बनने लायक हैं चूंकि पक्ष विपक्ष के तर्क वितर्क हो सकते हैं। कुम्भ के समय शरारती तत्व गलत तथ्य निकाल सकते हैं लिहाजा जिला, फैक्ट्री, नाला, नदी साफ साफ लिखने से बचा गया, मगर हालात डरावने हैं।
क्योंकि एक तरफ कुंभ के चलते अफसरी ने अति दूषित फैक्ट्रियों की तालाबंदी यानी कागजों में बंद दिखाईं, दूसरी तरफ जमीन पर कोई फैक्ट्री बंद नहीं। दारूमिल हो, स्लाॅटर हाउस हों, सभी चल रहे, रातों रात करोड़ो लीटर खून, पानी कहीं काली नदी में मिल रहा, कहीं यमुना में मिल रहा। मगर एक तरफ एनजीटी लगातार माॅनीटरिंग कर रही, दूसरी तरफ उसी एनजीटी की सुनवाई अपराध के भरोसे छोड़ी जा रही। जो चिंता का विषय है। जिस मेले में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के जज पहुंचे, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति नहाए, जिसमें सीएम पीएम नहाए, जिसमें आदित्यनाथ जैसे संन्यासी की मेहनत और मंशा दांव पर लगी है उसी कुंभ की रक्षा करने में एनजीटी नाकाम हुई, उसकी गाइडलाइन का कोई फायदा नहीं मिला, लिहाजा हमारे हिसाब से तो सुप्रीम कोर्ट को सख्त होना चाहिए। अपनी एजेंसियों की सफलता असफलता पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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महाकुंभ की भीड से नैनी स्टेशन पर बिगडे हालात https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f/#respond Mon, 17 Feb 2025 07:29:56 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8993 महाकुंभ में श्रध्दालुओं का रेला माघ पूर्णिमा के बाद भी जारी है। रविवार को नैनी रेलवे स्टेशन पर श्रध्दालुओं की भारी भीड उमडने से हालात बेकाबू हो गए। स्टेशन परिसर में इतनी भीड हो गई कि श्रध्दालुओं को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। भीड बढने के कारण प्रशासन को आपातकालीन प्लान लागू करना पडा और रास्तों को ब्लॉक करना पडा। शाम तक स्थिति और बिगगड गई, जिससे पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने पडे।

अत्यधिक भीड के कारण छह श्रध्दालुओं की तबीयत बिगड गई। वह बेहोश हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका में भर्ती कराया गया। इनमें से एक युवक कानपुर का निवासी बताया जा रहा है, लेकिन वह अपना पता और जानकारी नहीं दे पा रहा था। मोबाइल न होने से पुलिस और डॉक्टर भी परेशान थे।

संगम स्नान के लिए आए श्रध्दालुओं की भीड अचानक बढने से पुलिस को ट्रैफिक डायवर्जन लागू करना पडा। नैनी और मेलवाल बगिया क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों का रूट बदला गया। डाकखाने के पास भी रास्ता ब्लॉक रक दिया गया, जिससे पूरे इलाके में यातायात बाधित हो गया।

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675 किमी साइकिल चला कर महाकुंभ पहुंचे पिता-बेटी https://rashtriyasamasya.com/675-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82/ https://rashtriyasamasya.com/675-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82/#respond Mon, 17 Feb 2025 06:58:15 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8990 उत्तरप्रदेश के प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिसमें एक तरफ महाकुंभ में लगातार नए रिकॉर्ड बन रहें है. वहीं दूसरी तरफ यहां आने वाले श्रद्धालु भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। महाकुंभ का आकर्षण कुछ ऐसा की दिल्ली की रहने वाली अनुपमा पंत अपने पिता उमेश पंत के साथ साइकिल से ही महाकुंभ की ओर निकल पड़ी है।

 675 किमी साईकिल से यात्रा करने के बाद अनुपमा पंत ने बताया की वह त्रिवेणी में संगम स्नान के साथ पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने और साइकिल चलाने का संदेश देना चाहती हैं। उनके पिता उमेश भी यह संदेश देते हैं कि अगर लोग साइकिल से ज्यादा यात्रा करेंगे तो तमाम समस्याओं का समाधान भी निकल सकता है।

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महाकुंभ श्रध्दालुओं से भरी मिनी बस का एक्सीडेंट, परखच्चे उडे https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ad/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ad/#respond Sun, 16 Feb 2025 07:25:52 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8940 महाराष्ट्र के श्रध्दालुओं को लेकर अयोध्या जा रबी ट्रैवलर मिनी बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खडी एक दूसरी बस से जा टकरा गई। तेज रफ्तार ट्रैवलर बस के परखच्चे उड गए। ट्रैवलर मिनी बस पर सवार तीन लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक महिला की मौत गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हो गई। ट्रैवलर बस में 18 यात्री सवार थे जिसमें आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लोनी कटरा थाना क्षेत्र के हाथी का पुरवा गांव के पास छत्तीसगढ से श्रध्दालुओं को लेकर अयोध्या जा रही एक बस खराब हो गई थी। ड्राईवर और कंडक्टर बस को किनारे खडा करके उसे ठिक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान भोर में करीब 5.00 बजे नांदेड महाराष्ट्र प्रांत से श्रध्दालुओं को लेकर अयोध्या जा रही तेज रफ्तार ट्रैवलर मिनी बस अनियंत्रित होकर खडी बस में जाकर टकरा गई।

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प्रधानमंत्री ने संगम में डुबकी लगाने के ​बाद सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर लगाई परिक्रमा https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/#respond Wed, 05 Feb 2025 07:15:05 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8775 महाकुंभनगर (प्रयागराज), 5 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचकर पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई और मां गंगा की पूजा-अर्चना की। पूरी बांह की भगवा टी-शर्ट व लोअर पहने और गले में नीला गमछा डाले प्रधानमंत्री मोदी त्रिवेणी में उतरे। गले में बड़ी रूद्राक्ष की माला डाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साधक की मुद्रा में दिखे।

उन्होंने संगम स्नान के दौरान पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। परिक्रमा लगाई और मंत्रों का जाप किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ स्टीमर में बैठकर संगम घाटों का अवलोकन किया। योगी ने उन्हें महाकुम्भ के सभी घाटों के बारे में बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने घाट के किनारे खड़े श्रद्धालुओं का हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया।

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 महाकुम्भ में हो रहा है विविध साधनाओं का संगम https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5/#respond Mon, 03 Feb 2025 09:54:07 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8757 महाकुम्भ नगर, 03 फ़रवरी: महाकुम्भ त्याग और तपस्या के साथ विभिन्न साधनाओं के संकल्प का भी पर्व है। प्रयागराज महाकुम्भ साधनाओं के विविध संकल्पों का साक्षी बन रहा है ऐसी ही एक साधना है। पंच धूनी तपस्या जिसे अग्नि स्नान की साधना भी कहा जाता है, जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर्व से हो गई।

तपस्वी नगर में पंच धूनी तपस्या का आरंभ

कुम्भ क्षेत्र जप, तप और साधना का क्षेत्र है जिसके हर कोने में कोई न कोई साधक अपनी साधना में रत नज़र आएगा। महाकुम्भ के तपस्वी नगर में बसंत पंचमी से एक खास तरह की साधना का आरंभ हुआ है जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा कौतूहल है। इस साधना को पंच धूनी तपस्या कहा जाता है जिसे आम भक्त अग्नि स्नान साधना के नाम से भी जानते हैं। इस साधना में साधक अपने चारों तरफ जलती आग के कई घेरे बनाकर उसके बीच में बैठकर अपनी साधना करता है। जिस आग की हल्की से आंच के सम्पर्क में आने से इंसान की त्वचा झुलस जाती है उससे कई गुना अधिक आंच के घेरे में बैठकर ये तपस्वी अपनी साधना करते हैं।

वैष्णव अखाड़ों में खालसा के संतों में है साधना की यह कठिन परम्परा

वैष्णव अखाड़े के खालसा में इस अग्नि स्नान की साधना की परम्परा है जो बेहद त्याग और संयम की स्थिति में पहुंचने के बाद की जाती है। श्री दिगंबर अनी अखाड़े में महंत राघव दास बताते हैं कि अग्नि साधना वैष्णव अखाड़ों के सिरमौर अखाड़े दिगंबर अनी अखाड़े के अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी खालसा के साधकों की विशेष साधना है। यह साधना अठारह वर्षो की होती है। इस अनुष्ठान को पूरा करने के पीछे न सिर्फ साधना के उद्देश्य की पूर्ति करनी होती है, बल्कि साधु की क्षमता और सहनशीलता का परीक्षण भी होता है। लगातार 18 वर्ष तक साल के 5 माह इस कठोर तप से गुजरने के बाद उस साधु को वैरागी की उपाधि मिलती है।

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महाकुम्भ हादसे के लिए मेला प्रशासन जिम्मेदार https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/#respond Fri, 31 Jan 2025 08:46:47 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8592 महाकुम्भनगर,31 जनवरी: मौनी अमावस्या के दिन महाकुम्भ मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर हुई भगदड़ के बाद जहां खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए हैं, वहीं संत समाज भी घटना के पीछे षड़यंत्र मान रहा है। साधु संतों का कहना है कि भीड़ अधिक होने की वजह से एक जगह पर किसी कारणवश दुर्घटना हो सकती है लेकिन कई स्थानों पर घटित घटना बड़े षड़यंत्र की ओर इशारा करती है।

अखिल भारतीय वैष्णव चतु: सम्प्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने महाकुम्भ में हुए हादसे के लिए मेला प्रशासन को ​जिम्मेदार ठहराया है। महंत फूलडोल बिहारी दास ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि मेलाधिकारी हिन्दू नहीं हैं। इसलिए उसे हिन्दू परम्पराओं की जानकारी नहीं है। हिन्दुत्व व साधु संतों के प्रति उसके मन में सम्मान का भाव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी को बदनाम करने के लिए साजिश रची गयी है।

निरंजनी अखाड़ा के महामण्डलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द गिरि ने कहा कि पिछले स्नान के बाद हमने प्रशासन को सचेत किया था जब अंदाजा था कि 40-50 करोड़ लोग आने वाले हैं। तो पूरे मेला क्षेत्र को सेना के हवाले क्यों नही किया गया। यह प्रश्न विचारणीय है। यह पुलिस प्रशासन के बस का काम नहीं है। किसी के बाप का बेटा चला गया है। किसी का बाप, किसी का पुत्र चला गया बहुत दुखद समाचार है। निकम्मा प्रशासन पूरी तरह फेल, प्रशासन सिर्फ वीआईपी की जी हुजूरी में लगा रहा। इसके अलावा उन्हें कुंभ से कोई मतलब नही है।

नाथ पंथ के महंत योगी बालकनाथ ने कहा कि महाकुम्भ की घटना षड़यंत्रों की ओर भी हमारा ध्यान आकर्षित करती है। यह हमारी संस्कृति की एकता को खंडित करने का षड़यंत्र भी हो सकता है। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि घटना दुःखद है परन्तु शव व शिव पर राजनीति नहीं की जाती। प्रशासन ने जितनी जल्दी घायलों को अस्पताल पहुंचाया वह प्रशंसनीय हैं। परन्तु इस घटना की सुक्ष्म रूप से जांच की जाये तो अराजक तत्वों की जानकारी मिलेगी।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने परमधर्म संसद में धर्मादेश जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाने का प्रस्ताव पास किया है। शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंंत्री ने इतनी बड़ी घटना को अफ़वाह कहकर मखौल भी उड़ाया। अपमानित भी किया और सन्तों व श्रद्धालुओं के साथ छल भी किया। उन्होंने शासन-प्रशासन घटना की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।

महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत पुरूष हैं। समुद्र मंथन के बाद निकले हलाहल विषय को जैसे ​भगवान शिव ने उस विष का पान कर ​लिया था ठीक उसी तरह संत महापुरूषों ने इस घटना को अपने ऊपर ले लिया। यतीन्द्रानन्द गिरि ने कहा है कि मेला प्रशासन केवल वीवीआईपी की व्यवस्था में लगा रहा। महाकुंभ से वीवीआई कल्चर समाप्त होना चाहिए। यहां किसी को किसी तरह का प्रोटोकाल नहीं मिलना चाहिए। कुंभ मेला प्रशासन पहली बार बहुत ही नकारात्मक प्रभाव का है।

हनुमान गढ़ी अयोध्या के हरि​द्वारी पट्टी के महंत राजेश दास ने कहा कि मेला प्रशासन अगर पुल बंद नहीं किया होता तो यह घटना नहीं होती। महाकुंभ हादसे के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है। हनुमानगढ़ी के संत शिवकुमार दास ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि मेला प्रशासन ने दो दिन से सारे पुल बंद कर रखा है। ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। संगम पर आने जाने के लिए पुलिस ने अलग—अलग मार्ग बनाये होते तो यह हादसा नहीं होता।

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महाकुंभ भगदड के बाद भी नहीं रूका श्रध्दालुओं का रेला https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80/#respond Thu, 30 Jan 2025 10:34:23 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8577 महाकुंभ मौनी अमावस्या पर बुधवार रात आठ बजे तक 7.64 करोड श्रध्दालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। आधी रात को संगम नोज पर भगदड में 30 श्रध्दालुओं की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद हर कोई संगम में स्नान को लालायित दिखा। यही नजारा गुरूवार को भी देखने को मिल रहा है। गुरूवार को प्रयागराज और महाकुंभ पहुंचने के लिए भक्तों का रेला निकला है। भीड इतनी ज्यादा है कि सभी रास्ते जाम से घिरे हैं। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर शेयर वीडियो किसी पुल के ऊपर से बनाया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि चारों ओर भीषण जाम है और गाडियों का रेला निकला है। वीडियो में देखकर संभावना लगाई जा सकती है कि जाम कई किलोमीटर लंबा है। वहीं वीडियो बनाने वाली युवती का कहना है कि ये प्रयागराज से 10 से 15 किमी दूर का हाल है।

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