Japan – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Mon, 03 Feb 2025 08:57:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Japan – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 जापान ने नई पीढ़ी के एच3 रॉकेट से नेविगेशन उपग्रह किया लॉन्च https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%9a3-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%95/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%9a3-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%95/#respond Mon, 03 Feb 2025 08:57:42 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8737 टोक्यो, 02 फरवरी: जापान ने अपनी अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करते हुए रविवार को एच3 रॉकेट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण नेविगेशन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। यह उपग्रह जापान की अधिक सटीक और स्वायत्त स्थान निर्धारण प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

मिचिबिकी-6 नामक इस उपग्रह को तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया, जो जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप पर स्थित है। जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने पुष्टि की कि लॉन्च के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे हुए और उपग्रह को सही कक्षा में स्थापित कर दिया गया।

वर्तमान में जापान की अर्ध-जेनिथ उपग्रह प्रणाली (QZSS) चार उपग्रहों के साथ कार्यरत है, जिसे 2018 में पूरी तरह सक्रिय किया गया था। यह प्रणाली अमेरिकी जीपीएस तकनीक के साथ मिलकर स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, समुद्री नेविगेशन और ड्रोन संचालन के लिए उच्च-स्तरीय स्थान संबंधी जानकारी प्रदान करती है।

जापान मार्च 2026 तक सात उपग्रहों का नेटवर्क विकसित करने के लिए दो और उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा। इसके अलावा, 2030 के दशक के अंत तक 11 उपग्रहों का पूर्ण नेटवर्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिससे जापान की नेविगेशन प्रणाली और भी सटीक और आत्मनिर्भर हो जाएगी।

यह प्रक्षेपण जापान के अंतरिक्ष अन्वेषण और तकनीकी नवाचार में बढ़ती ताकत को दर्शाता है। भविष्य में, यह प्रणाली वैश्विक स्तर पर संचार और नेविगेशन सेवाओं को नया आयाम देने में योगदान दे सकती है।

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जापान के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विशेष संबंध था: मुख्यमंत्री  https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7/#respond Thu, 23 Jan 2025 06:46:30 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7959 टोक्यो, 23 जनवरी: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “नेताजी की जापान यात्रा और उपनिवेशी शासन के खिलाफ जापान का समर्थन पाने के उनके कठिन प्रयासों उन्होंने को याद किया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी के विचार और भारत के इतिहास में उनके अतुलनीय योगदान से हम गहराई से प्रेरित हैं।

डॉ. सरमा ने कहा, “आज मैंने टोक्यो में भारतीय दूतावास में नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित करके अपने दिन की शुरुआत की। मैंने उनकी जापान यात्राओं और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ाई में जापान का समर्थन हासिल करने के लिए उनके अथक प्रयासों को याद किया।” उन्होंने कहा, “हम नेताजी के विचारों और भारत के इतिहास में उनके अद्वितीय योगदान से गहराई से प्रभावित हैं।”

नेताजी सुभाष चंद्र बोस, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता थे, ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान की मदद से भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) का गठन किया और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी। जापान के साथ उनका सहयोग दोनों देशों के साझा इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

डॉ. सरमा की यह यात्रा नेताजी के विजन और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका के प्रति सम्मान को दर्शाती है। साथ ही, उनके बयान से भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के ऐतिहासिक और आपसी सम्मान के महत्व पर भी प्रकाश पड़ता है।

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