India – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Fri, 14 Feb 2025 07:14:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png India – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 भारत को अमेरिका देगा अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/#respond Fri, 14 Feb 2025 07:14:32 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8821 -वाशिंगटन डीसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी घोषणा

वाशिंगटन, 14 फरवरी: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यहां हुई ऐतिहासिक मुलाकात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में महत्वपूर्ण सामरिक घोषणा हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ संवाददाता सम्मेलन में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का फैसला किया है। इसका मकसद भारत को अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल करना है।

प्रधानमंत्री मोदी से बेहद सौहार्दपूर्ण मुलाकात के बाद हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस साल अमेरिका भारत में सैन्य बिक्री को कई अरब डॉलर तक पहुंचाएगा। हमने भारत को एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान देने का रास्ता खोल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत में अमेरिका तेजी के साथ सैन्य व्यापार बढ़ाएगा। महत्वपूर्ण यह है कि डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में पुनः वापसी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह पहला दौरा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी इस बात की है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च स्थान पर रखते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की तरह वह भी अपने देश के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको (डोनाल्ड ट्रंप) व्हाइट हाउस में वापस देखकर खुशी हो रही है। वह भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से उन्हें बधाई दे रहे हैं। भारत के लोगों ने मुझे तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में काम करने का मौका दिया है। इस कार्यकाल में वह अगले चार वर्ष तक आपके साथ मिलकर काम करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपके पहले कार्यकाल के दौरान हमारे संबंध प्रगाढ़ रहे। अब हम उसी बंधन, समान विश्वास और समान उत्साह के साथ और तेजी से आगे बढ़ेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा, ”राष्ट्रपति ट्रंप अकसर MAGA के बारे में बात करते हैं। भारत में, हम एक विकसित भारत की दिशा में काम कर रहे हैं। उसका अमेरिकी संदर्भ में अनुवाद MIGA है। और साथ में भारत-अमेरिका के बीच समृद्धि के लिए मेगा साझेदारी है।” इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में ट्रंप के भरोसेमंद साथी एलन मस्क से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ” वाशिंगटन डीसी में हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। मैंने सुधार और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में बात की।”

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भारत और नेपाल ने की भूकंप के बाद शुरू पुनर्निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95/#respond Tue, 28 Jan 2025 09:01:08 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8450 काठमांडू, 28 जनवरी: भारत की मदद से नेपाल में भूकंप के बाद शुरू पुनर्निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, काठमांडू में सोमवार को एक बैठक में की गई। इसमें भारतीय विदेश मंत्रालय के नेपाल डेस्क के प्रमुख अतिरिक्त सचिव मनु महवार और नेपाल के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

नेपाल में अप्रैल 2015 के भूकंप के बाद भारत ने पुनर्निर्माण के लिए 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान प्रदान किया था । तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने काठमांडू में आयोजित विशेष सम्मेलन में यह अनुदान चार विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटित किया था। आवास निर्माण के लिए 100 मिलियन डॉलर, विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए 50 मिलियन डॉलर, अस्पतालों के निर्माण के लिए 50 मिलियन डॉलर और ऐतिहासिक धरोहरों के पुनर्निर्माण के लिए 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया गया था।

इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए अगस्त 2017 में एक संयुक्त परियोजना निगरानी समिति (जेपीएमसी) तंत्र स्थापित किया गया था। सोमवार को काठमांडू में जेपीएमसी की पांचवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेपाल के प्रतिनिधिमंडल का शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद्म कुमार मैनाली ने किया। दोनों पक्षों ने इस बैठक के बाद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से बयान जारी किया। बयान में पुनर्निर्माण परियोजनाओं के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया गया।

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हम सब भारत के लोग, भारत हम सबकी पहचान https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%ac-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a4%ae/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%ac-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a4%ae/#respond Sat, 25 Jan 2025 09:08:47 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8247 उत्सव और उल्लास आनंद देते हैं। भारत ने 26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस मनाया था। संविधान 26 जनवरी के दिन पूरा प्रवर्तित हुआ। भारतीय संविधान सभा की आखिरी बैठक (26 नवम्बर 1949) में डाॅ. आम्बेडकर के प्रस्ताव पर मतदान हुआ और संविधान पारित हो गया। भूमि, जन और शासन से ही राष्ट्र नहीं बनते। जाति, मजहब, राजनीति और क्षेत्रीय आग्रह समाज तोड़ते हैं, संस्कृति ही इन्हें जोड़ती है।

संविधान निर्माता सनातन सांस्कृतिक क्षमता से परिचित थे। उन्होंने संविधान की हस्तलिखित प्रति में सांस्कृतिक राष्ट्रभाव वाले 23 चित्र सम्मिलित किए। मुखपृष्ठ पर राम और कृष्ण तथा भाग 1 में सिन्धु सभ्यता की स्मृति वाले मोहनजोदड़ो काल की मोहरों के चित्र हैं। भाग 2 नागरिकता वाले अंश में वैदिक काल के गुरूकुल आश्रम का दिव्य चित्र है। भाग 3-मौलिक अधिकार वाले पृष्ठ पर श्रीराम की लंका विजय व भाग 4-राज्य के नीति निर्देशक तत्वों वाले पन्ने पर कृष्ण अर्जुन उपदेश वाले चित्र हैं। भाग 5 में महात्मा बुद्ध, भाग 6 में स्वामी महाबीर और भाग 7 में सम्राट अशोक के चित्र हैं। भाग 8 में गुप्त काल, भाग 9 में विक्रमादित्य, भाग 10 में नालंदा विश्वविद्यालय, भाग 11 में उड़ीसा का स्थापत्य, भाग 12 में नटराज, भाग 13 में भगीरथ द्वारा गंगावतरण, भाग 14 में मुगलकालीन स्थापत्य, भाग 15 में शिवाजी और गुरू गोविन्द सिंह, भाग 16 में महारानी लक्ष्मीबाई, भाग 17 व 18 में क्रमशः गांधीजी की दाण्डी यात्रा व नोआखाली दंगों में शान्ति मार्च, भाग 19 में नेताजी सुभाष, भाग 20 में हिमालय, भाग 21 में रेगिस्तानी क्षेत्र व भाग 23 में लहराते हिन्दु महासागर की चित्रावलि है।

संविधान पारण के बाद अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा “अब सदस्यों को संविधान की प्रतियों पर हस्ताक्षर करने हैं, एक हस्तलिखित अंग्रेजी की प्रति है, इस पर कलाकारों ने चित्र अंकित किये हैं, दूसरी छपी हुई अंग्रेजी व तीसरी हस्तलिखित हिन्दी की।” (संविधान सभा कार्यवाही खण्ड 12 पृष्ठ 4261) भारतीय संस्कृति और इतिहास के छात्रों के लिए संविधान की चित्रमय प्रति प्रेरक हैं। डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा के आखिरी भाषण (26.11.1949) में कहा, “संविधान किसी बात के लिए उपबंध करे या न करे, देश का कल्याण उन व्यक्तियों पर निर्भर करेगा, जो देश पर शासन करेंगे।” उन्होंने दो बातों को लेकर खेद व्यक्त किया, “केवल दो खेद की बाते हैं। मैं विधायिका के सदस्यों के लिए कुछ योग्यताएं निर्धारित करना पसंद करता। असंगत है कि विधि के शासन में सहायकों के लिए हम उच्च अर्हता का आग्रह करें लेकिन विधि निर्माताओं के लिए निर्वाचन के अलावा कोई अर्हता न रखें। विधि निर्माताओं के लिए बौद्धिक उपकरण अपेक्षित हैं। सामर्थ्य व चरित्र बल भी। दूसरा खेद यह है कि हम अपना संविधान भारतीय भाषा में नहीं बना सके।”

संविधान सभा के आखिरी भाषण में डाॅ. अम्बेडकर ने भी प्राचीन भारतीय परम्परा की याद दिलाते हुए कहा था “एक समय था जब भारत गण राज्यों से सुसज्जित था। यह बात नहीं है कि भारत पहले संसदीय प्रक्रिया से अपरिचित था।” भारत संसदीय प्रक्रिया से पहले भी सुपरिचित था। यहां वैदिक काल से ही एक परिपूर्ण गणव्यवस्था थी। गणेश गणपति थे। प्राचीनतम ज्ञान अभिलेख ऋग्वेद में “गणांना त्वां गणपतिं” आया है। मार्क्सवादी चिंतक डाॅ. रामविलास शर्मा ने लिखा है “गण पुराना शब्द है, यह पुरानी समाज व्यवस्था का द्योतक है। गण और जन ऋग्वेद में पारिभाषिक हो गये हैं।” महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठिर ने भीष्म से आदर्श गणतंत्र के सूत्र पूछे। भीष्म ने (शांतिपर्वः 107.14) बताया कि भेदभाव से ही गण नष्ट होते हैं। उन्हें संघबद्ध रहना चाहिए। गणतंत्र के लिए बाहरी की तुलना में आंतरिक संकट बड़ा होता है-‘आभ्यन्तरं रक्ष्यमसा बाह्यतो भयम्’ बाह्य उतना बड़ा नहीं।

संविधान निर्माताओं ने संसदीय जनतंत्र अपनाया है। उन्होंने अनेक संवैधानिक संस्थाओं का प्रावधान किया है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के मध्य शक्ति के पृथक्करण का सिद्धांत लागू है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएँ सारी दुनिया में प्रतिष्ठित हैं। संसद विधायी और संविधायी अधिकारों से लैस है। संवैधानिक संस्थाएँ आदरणीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा प्रवेश के पहले दिन संसद भवन की सीढ़ियों पर साष्टांग प्रणाम किया था। यह प्रेरक और ऐतिहासिक है। संविधान निर्माताओं ने संसद को सविधान संशोधन का भी अधिकार दिया है। मोदी की सरकार ने संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाने की कार्यवाही पूरी कर ली है। इसे हटाना संविधान निर्माताओं का ही स्वप्न था। उन्होंने इसके शीर्षक में ’अस्थायी उपबंध’ शब्द जोड़े थे। जम्मू-कश्मीर की आम जनता इससे प्रसन्न है लेकिन अलगाववादी शक्तियाँ अभी भी सक्रिय हैं। सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) की भी कुछ ताकतें खुल्लमखुल्ला विरोध कर रही थी। संसद द्वारा किसानों के हित में पारित कानूनों को लेकर भी कुछ सरकारों ने गलत विरोध किया। कुछ अलगाववादी देशतोड़क ताकतें बार-बार सिर उठाती हैं। ऐसी ताकतें संविधान की सर्वोपरिता का सिद्धांत नहीं मानती हैं।

भारतीय गणतंत्र लगातार विकसित हो रहा है। न्यायपालिका संविधान की जिम्मेदार संरक्षक है। हिन्दुत्व की व्याख्या व नौवीं अनुसूची के दुरुपयोग को रोकने सहित अनेक मसलों पर न्यायपीठ ने प्रशंसनीय फैसले किये हैं। मौलिक अधिकार सुरक्षित है। कृषि, विकास, गोवंश संवर्द्धन राज्य के नीति निर्देशक संवैधानिक तत्व हैं। महाभारतकार ने गणतंत्र की सभा समिति (संसदीय व्यवस्था) के सदस्य की अनिवार्य योग्यता बतायी थी “न नः स समितिं गच्छेत यश्च नो निर्वपेत्कृषिम-जो खेती नहीं करता वह सभा में प्रवेश न करे।” ऋग्वैदिक काल में ऋषि भी कृषि करते थे। कॉमन सिविल कोड नीति निर्देशक तत्व है। हिदुत्व इस देश का प्राण तत्व है लेकिन साम्प्रदायिक कहा जाता है। अलगाववाद देशतोड़क है तो भी सेकुलर है। गहन आत्मचिन्तन ही एकमेव विकल्प है।

संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकारों की प्रतिभूति है। लेकिन इसी के साथ संविधान के अनुच्छेद-51क में मूल कर्तव्यों की भी सूची है। इस सूची में कहा गया है कि ’’प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है कि वह संविधान के पालन के साथ उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रगान का आदर करें। स्वाधीनता के राष्ट्रीय आन्दोलन के आदर्शों को हृदय में संजोये और उनका पालन करें। राष्ट्र की सम्प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करे। किसी भी तरह के भेदभाव से परे भारत के सभी लोगों में समरसता और भाईचारा की भावना का विकास करे। पर्यावरण की रक्षा करे, सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करे। हिंसा से दूर रहें।’’ मूल कर्तव्यों की यह सूची भारत के लोक जीवन को आनन्दित करने का दस्तावेज है। संविधान दिवस के अवसर पर इसका पाठ और पुनर्पाठ बहुत जरूरी है।

संविधान की उद्देशिका स्मणीय है। उद्देशिका में ’हम भारत के लोग’ शब्द का प्रयोग ध्यान देने योग्य है। भारत की जनता के लिए किसी जाति सम्प्रदाय या वर्ग शब्द का प्रयोग नहीं है। हम सबकी पहचान भारत है। ’हम सब भारत के लोग’ हैं। उद्देशिका में सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त कराने के लिए संकल्प है। इनमें प्रतिष्ठा और अवसर की समता है। उद्देशिका एक तरह से हमारी राजव्यवस्था का स्वप्न है। यह बारम्बार विचारणीय और माननीय है। संविधान भारत का राजधर्म है।

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ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 घोषित की, ट्रेविस हेड हुए फिट https://rashtriyasamasya.com/australia-announced-playing-11-for-boxing-day-test-against-india-travis-head-is-fit/ https://rashtriyasamasya.com/australia-announced-playing-11-for-boxing-day-test-against-india-travis-head-is-fit/#respond Wed, 25 Dec 2024 13:53:50 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7331 मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारतीय टीम के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रहे बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच के लिए अपनी प्लेइंग-11 की घोषणा कर दी है। मेजबान टीम ने अपनी टीम में दो बदलाव किए हैं। इसके अलावा बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी खेलने के लिए फिट हो गए हैं।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने बुधवार को पुष्टि की कि ट्रेविस हेड 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर शुरू होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे। कमिंस ने कहा कि ट्रेव (ट्रेविस हेड) खेलने के लिए तैयार है, वह खेलेगा। उसने आज और कल कुछ चीजें पूरी की हैं, लेकिन ट्रेव के चोटिल होने की कोई चिंता नहीं है। वह पूरी तरह से फिट होकर खेल में उतरेगा।

कमिंस ने कहा कि हेड की उपलब्धता ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि मौजूदा श्रृंखला में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने पहले तीन टेस्ट मैचों में 81.8 की औसत से 409 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं। इसके अलावा प्लेइंग-11 में चोटिल जोश हेजलवुड की जगह स्कॉट बोलैंड को शामिल किया गया है, जबकि युवा सलामी बल्लेबाज सैम कोंस्टास ने नाथन मैकस्वीनी की जगह ली है।

ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11
उस्मान ख्वाजा, सैम कोंस्टास, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन और स्कॉट बोलैंड।

सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर
भारतीय और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। भारतीय टीम ने पर्थ में पहले टेस्ट में 295 रन से जीत दर्ज की थी, जबकि एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से मैच जीता था। ब्रिसबेन में बारिश से प्रभावित तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था।

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भारत से नहीं मिला निमंत्रण, पाकिस्तान और बांग्लादेश जाने की तैयारी में प्रधानमंत्री ओली https://rashtriyasamasya.com/did-not-receive-invitation-from-india-prime-minister-oli-preparing-to-visit-pakistan-and-bangladesh/ https://rashtriyasamasya.com/did-not-receive-invitation-from-india-prime-minister-oli-preparing-to-visit-pakistan-and-bangladesh/#respond Wed, 25 Dec 2024 07:17:39 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7290 काठमांडू। भारत से निमंत्रण पाने में असफल रहने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अब बांग्लादेश और पाकिस्तान की यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं। उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से मुलाकात कर यात्रा की तारीख तय करने को कहा है।

मंगलवार शाम काठमांडू स्थित सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री ओली ने पाकिस्तान के राजदूत अबरार हाशमी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान यात्रा की इच्छा व्यक्त की। इससे पहले, बांग्लादेश के राजदूत सलाहुद्दीन चौधरी ने भी पांच दिन पहले ओली से भेंट की थी, जिसमें ढाका यात्रा की बात हुई थी।

राजदूतों के साथ मुलाकात पर सफाई
प्रधानमंत्री के सचिवालय ने इन मुलाकातों पर सफाई देते हुए कहा कि बांग्लादेश के राजदूत के साथ हुई बैठक को विदाई भेंट बताया गया है। प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार विष्णु रिमाल के अनुसार, राजदूत चौधरी को बांग्लादेश की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र में राजदूत नियुक्त किया है, और यह मुलाकात इसी सिलसिले में हुई थी।

पाकिस्तान के राजदूत के साथ हुई बातचीत को रिमाल ने सामान्य शिष्टाचार मुलाकात करार दिया। उन्होंने बताया कि इस दौरान सार्क को पुनः सक्रिय करने और पाकिस्तान में प्रस्तावित सार्क शिखर सम्मेलन को आयोजित करने पर चर्चा हुई। नेपाल वर्तमान में सार्क का अध्यक्ष देश है, और पाकिस्तान में यह सम्मेलन आयोजित होना है। हालांकि, भारत के विरोध के चलते यह अब तक संभव नहीं हो पाया है।

भारत से निमंत्रण न मिलने से नाराजगी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत से निमंत्रण न मिलने के कारण प्रधानमंत्री ओली ने इस्लामाबाद और ढाका का रुख किया है। बांग्लादेश और पाकिस्तान के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि ओली ने इन देशों की यात्रा की इच्छा जताई है।

भारत और इन दोनों देशों के संबंधों में हालिया खटास को देखते हुए, ओली का यह कदम भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ओली जानते हैं कि वर्तमान समय में दिल्ली का संबंध न तो इस्लामाबाद से और न ही ढाका से बेहतर है, और इसी स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

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