Ijtema – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Sat, 15 Feb 2025 08:55:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Ijtema – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 बांग्लादेश में विश्व इज्तेमा में शामिल बुजुर्ग जायरीन का निधन https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a5%8d/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a5%8d/#respond Sat, 15 Feb 2025 08:55:44 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8902 ढाका, 15 फरवरी: मुसलमानों के बड़े धार्मिक आयोजन विश्व इज्तेमा की मेजबानी कर रहे बांग्लादेश के गाजीपुर जिले के औद्योगिक शहर टोंगी में एक बुजुर्ग जायरीन का इंतकाल हो गया। 58वें विश्व इज्तेमा के दूसरे चरण का आगाज टोंगी में तुराग नदी के तट पर इज्तेमा मैदान में शुक्रवार को हुआ है। इसके पहले चरण में भी दो श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।

द डेली स्टार समाचार पत्र के अनुसार, विश्व इज्तेमा के दूसरे चरण में एक और जायरीन की मौत के साथ इस आयोजन के दोनों चरणों में मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर तीन हो गई । शुक्रवार रात लगभग 10ः30 बजे जिस जायरीन का निधन हुआ, उसका नाम 60 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल अजीज है। साद अनुयायियों के मीडिया समन्वयक मोहम्मद सईम ने आज सुबह यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले दो और जायरीनों की मौत हो चुकी है।

ढाका ट्रिब्यून समाचार पत्र के अनुसार, विश्व इज्तेमा का दूसरा चरण शुक्रवार सुबह शुरू हुआ। मोहम्मद सईम ने कहा कि इज्तेमा फज्र की नमाज के बाद प्रसिद्ध इस्लामी विद्वानों ने उपदेश दिए। भारत से आए मौलाना साद के सबसे बड़े बेटे मौलाना यूसुफ बिन साद कांधलवी ने इज्तेमा मैदान में जुमा की नमाज का नेतृत्व किया। अब तक 47 देशों से 1,500 विदेशी जायरीन विश्व इज्तेमा में शामिल होने के लिए मैदान में आ चुके हैं। नमाज में ढाका, गाजीपुर और सावर और आसपास के इलाकों से आए लाखों मुसलमान शामिल हुए। आज इज्तेमा में दहेज मुक्त शादी कराई जाएंगी। रविवार को आखिरी मुनाजात (अंतिम प्रार्थना) के साथ इज्तेमा का समापन होगा। उन्होंने कहा कि सेना और बांग्लादेश अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकरण ने जायरीनों की सुचारू आवाजाही के लिए नदी पर एक तैरता हुआ पुल बनाया है।

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