burning forest – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Thu, 26 Dec 2024 12:06:01 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png burning forest – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 9 बड़े नेशनल पार्क जलकर खाक https://rashtriyasamasya.com/9-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%95/ https://rashtriyasamasya.com/9-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%95/#respond Thu, 26 Dec 2024 12:06:01 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7355 शैलेश सिंह

दो लाख बार जंगल जले, 35 हजार किमी0 वन खाक हो गया, 9 बड़े नेशनल पार्क भी अधजले हो गये। मगर शुक्र है कि 8 महीने में 21 राज्यों के सिर्फ जंगल ही जले, कोई अफसर जलकर नहीं मरा, ना उनकी गाड़ियां जलीं, और ना ही अफसरों की नियत जलीं। वनों में बने आलीशान सरकारी बंगले हों, आवास हों, उन्हें धुंआ भी नहीं सता पाया।
अब आप समझ गये होंगे कि अफसरी के पेट इतने फूले क्यों हैं, इनकी खालें इतनी मोटी कैसे हो गयीं कि जहां एक तरफ सांस का अकाल, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, फिर भी 21 राज्यों में 35 हजार किमी वन क्षेत्र 8 महीने में नाश होते देख लिये, और कोई राज्य हो, जिला हो, किसी आईएएफ अधिकारी को सजा नहीं हुयी। हां इससे एक तरफ करोड़ों कागजी पेड़ लगाने का मौका लूट लिया। दूसरी तरफ देश भर की बाॅयलर-भट्टी में रोज जलने वाले पेड़ों की पूर्ति हो गयी।
लिहाजा मेरा पहला सवाल यह कि ना कोई अफसर जलकर मरा, ना किसी की कार या घर जलकर खाक हुआ, सिर्फ करोड़ों पेड़ जल गये, ये कैसे सम्भव हुआ। अब सवाल नम्बर दो- 2.3 लाख बार आग लगी, 35 हजार किमी एरिया खाक हुआ, 9 बड़े नेशनल पार्क स्वाहा किये, फिर जले-अधजले करोड़ों पेड़, उनकी अधजली लकड़ी किसके पास सुरक्षित है। तीसरा सवाल यह कि 21 राज्यों का 35 हजार किमी एरिया स्वाहा हुआ, फिर इसके शेर, चीते, भालू, जैसे प्राणी, उड़ने वाले पंक्षी, सांप जैसे रेंगने वाले जीव, आखिर कहां गये। ये ऐसे सवाल हैं जो पर्यावरण मंत्रालय के माथे पर दाग हैं, बल्कि राज्यों के वन सचिव हों, या जिला वन अधिकारी की नियतें बिना बताये बोल रही हैं।
खैर अफसरी का मुंह पोतने वाला सवाल यह कि इसमें दौड़ने वाले प्राणी जैसे शेर, चीते, भालू, लकड़बग्गे, उड़ने वाले पंक्षी जैसे महालत, तोता, धोर फकता, देशी मैना, पोहेया, कोयल, राम चिड़ियां, टिटारी, पपीहा, उल्लू, दारगी चिरैया, गिद्ध, बगुला, कौआ, और जमीन पर रेंगने वाले सांप जैसे सैकड़ों जीव कहां गये। अगर थे नहीं, तो प्राकृतिक जंगल क्यों कहा गया, और प्राकृतिक जंगल स्वाहा कर दिये तो जीव, जन्तु, प्राणी गये कहां?

किस राज्य में कितनी बार आग लगी-
उत्तराखंड 21033, ओडिशा 20973, छत्तीसगढ़ 18950, आंध्र प्रदेश 18174, महाराष्ट्र 16008, मध्य प्रदेश 15878, तेलंगाना 13479, हिमाचल प्रदेश 10136, असम 7639, झारखंड 7525, उत्तर प्रदेश 4424, हरियाणा 166, दिल्ली 16

किस राज्य में कितने किमी वन एरिया जला-
आंध्र प्रदेश 5286, महाराष्ट्र 4095, तेलंगाना 3983, छत्तीसगढ़ 3812, मध्य प्रदेश 3172, ओडिशा 2463, कर्नाटक 2088, उत्तराखण्ड 1808, उत्तर प्रदेश 257, हरियाणा 44, दिल्ली 0

]]>
https://rashtriyasamasya.com/9-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%95/feed/ 0