Budget – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com Rashtriya Samasya Thu, 30 Jan 2025 09:25:03 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://rashtriyasamasya.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-rastriya-32x32.png Budget – Rashtriya Samasya https://rashtriyasamasya.com 32 32 वित्‍त मंत्री लगातार 8वें बजट के साथ रचेंगी इतिहास  https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-8%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%82/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-8%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%82/#respond Thu, 30 Jan 2025 09:25:02 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=8572 नई दिल्ली, 30 जनवरी: केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार 8वां बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी। सीतारमण के बजट से कमजोर पड़ती आर्थिक वृद्धि को सहारा देने तथा उच्च कीमतों और स्थिर वेतन वृद्धि से जूझ रहे मध्यम वर्ग पर बोझ कम करने के उपाय शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही राजकोषीय रूप से विवेकपूर्ण भी होगा।

इसके साथ ही वित्‍त मंत्री सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा अलग-अलग समयावधि में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। मोरराजी देसाई ने 1959 से 1964 के दौरान वित्‍त मंत्री के रूप में कुल छह आम बजट और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे।

उनके अलावा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः 9 और आठ बार बजट पेश किए थे। हालांकि, केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में लगातार आठ बार केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड बरकरार रखेंगी।

निर्मला सीतारमण को 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णायक दूसरी बार चुनाव जीता। 2024 में तीसरी बार पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद सीतारमण ने अपना वित्त मंत्रालय का पोर्टफोलियो बरकरार रखा। अबतक उन्होंने कुल सात सीधे बजट पेश किए हैं, जिनमें फरवरी 2024 का अंतरिम बजट भी शामिल है।

उल्‍लेखनीय है कि स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शानमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था। इसके बाद सबसे ज्‍यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के अधीन वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कुल 10 आम बजट पेश किए।

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देश का अगला बजट मिडिल क्लास का होः केजरीवाल  https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be/ https://rashtriyasamasya.com/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be/#respond Wed, 22 Jan 2025 10:30:39 +0000 https://rashtriyasamasya.com/?p=7920 नई दिल्ली, 22 जनवरी: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता कर बुधवार को देश के मध्यम वर्गीय परिवार की समस्याओं के को उठाते हुए केंद्र सरकार से सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पहली शिक्षा का बजट 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए। दूसरी उच्च शिक्षा के लिए सब्सिडी और स्कॉलरशिप दी जाए। तीसरी हेल्थ का बजट भी 10 प्रतिशत किया जाए और हेल्थ इंसोरेंस से टैक्स हटाया जाए। चौथी इनकम टैक्स की छूट की सीमा को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए। पांचवीं जरूरी चीजों के ऊपर जीएसटी खत्म किया जाए। छठी वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत रिटायरमेंट प्लान बनाए जाएं और देशभर में उन्हें मुफ्त इलाज दिया जाए और सातवीं रेलवे में बुजुर्गों को मिलने वाली छूट को फिर से लागू किया जाए।

केजरीवाल ने कहा कि भारत का मध्यम वर्गीय परिवार टैक्स का शिकार है। मध्यम वर्गीय अपनी आय का 50 प्रतिशत से अधिक विभिन्न प्रकार के टैक्स में दे देता है लेकिन बदले में उसे सरकार से कुछ खास नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अब मध्यम वर्गीय के लोगों की आवाज को संसद में बुलंद किया जाए और उनके मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए। केजरीवाल ने कहा कि हमने मध्यम वर्गीय परिवार के लिए एक मैनिफेस्टो तैयार किया है। अगर आप इससे सहमत हैं तो हमारी वेबसाइट middleclassmanifesto.com पर साइन करें। मध्यम वर्गीय को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी। अगर पूरा मध्यम वर्गीय वर्ग एक साथ खड़ा हो जाए, तो सरकार को उनकी बात सुननी पड़ेगी।

अरविंद केजरीवाल ने मध्यम वर्गीय के प्रति सरकारों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्षों में मध्यम वर्गीय को केवल टैक्स देने वाली मशीन समझा गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें इनके लिए कुछ नहीं करतीं। जब भी सरकार को पैसे की जरूरत होती है, तो इन लोगों से ही टैक्स वसूला जाता है।

केजरीवाल ने आगे कहा कि मध्यम वर्गीय वर्ग अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा के लिए संघर्ष करता रहता है। अगर एक मध्यम वर्गीय परिवार सालाना 10-12 लाख रुपये कमाता है, तो उसमें से आधा हिस्सा टैक्स में चला जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने के बावजूद सरकारें उन्हें राहत देने में विफल रही हैं।

केजरीवाल ने महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि टैक्स के बोझ के कारण युवा मध्य वर्गीय वर्ग परिवार देश छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आंकड़ो का का हवाला देते हुए कहा कि 2020 में 85,000 भारतीय देश छोड़कर गए थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 2,16,219 हो गई। यह हमारे देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी मध्यम वर्ग के मुद्दों को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। हमने दिल्ली में मध्यम वर्ग को राहत देने की पूरी कोशिश की और आगे भी करते रहेंगे।

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