- पूर्व जिला की विशेष स्टाफ की टीम ने किया गिरफ्तार
निशांत सिंह
पूर्व दिल्ली 19 अक्टूबर। पूर्व जिला की विशेष स्टाफ टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जो खड़ी हुई कारों और ट्रकों से बैटरियाँ चोरी करता था। टीम ने कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसमें दो सक्रिय चोर, दो रिसीवर और एक कबाड़ी शामिल है। कुल 85 चोरी की गई बैटरियाँ बरामद की गईं, जिससे दिल्ली के विभिन्न इलाकों में दर्ज कई चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।
दिनांक 14.10.2025 को, दो व्यक्ति एक ऑटो-रिक्शा में सवार होकर विशेष स्टाफ, पूर्व जिला कार्यालय के सामने खड़ी वैगनआर कार की बैटरी दिनदहाड़े चोरी करते हुए देखे गए। इस संबंध में थाना कल्याणपुरी, पूर्व जिला में ई-एफआईआर धारा 305 भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज की गई और जांच प्रारंभ की गई।
चोरी की घटनाओं की प्रकृति और आवृत्ति को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई विकास कुमार, एचसी नरेशपाल, एचसी विनीत तोमर, एचसी हिमांशु, एचसी शैलेन्द्र सिंह, एचसी विच्टर, एचसी नरेश, एचसी सनोज, एचसी मनेंद्र, एचसी हेमंत, कांस्टेबल राजीव, कांस्टेबल शिवम, कांस्टेबल सनोज और कांस्टेबल हिमांशु शामिल थे।
यह टीम इंस्पेक्टर जितेन्द्र मलिक (प्रभारी विशेष स्टाफ, पूर्व जिला) के नेतृत्व में, एसीपी/ऑप्स श्री संजय सिंह के निकट पर्यवेक्षण और अधोहस्ताक्षरी के मार्गदर्शन में कार्य कर रही थी।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान एक टीएसआर (तीन-सीटर रिक्शा) की पहचान की गई जो अपराध में प्रयुक्त हुआ था। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर, टीम ने दो सक्रिय चोरों (आकाश (उम्र 30 वर्ष), निवासी कबीर नगर, दिल्ली तथा आयुष (उम्र 25 वर्ष), निवासी कबीर नगर, दिल्ली) को टीएसआर के साथ गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पाँच चोरी की गई बैटरियाँ बरामद हुईं।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की बैटरियाँ रिसीवर अमजद और वसीम को बेचते थे, जो आगे उन्हें कबाड़ी मोहम्मद फजलुद्दीन को देते थे। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, अमजद (उम्र 40 वर्ष, निवासी शहीद नगर, गाजियाबाद, उ.प्र.), वसीम (उम्र 38 वर्ष, निवासी गोकुलपुरी, दिल्ली) और कबाड़ी मोहम्मद फजलुद्दीन (उम्र 51 वर्ष, निवासी ओल्ड मुस्तफाबाद, उत्तर-पूर्व दिल्ली) को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की निशानदेही पर, श्रीराम मोहल्ला मेन रोड, जोहरीपुर, दिल्ली स्थित एक गोदाम की तलाशी ली गई, जहाँ से कार और ट्रक की कुल 80 चोरी की गई बैटरियाँ बरामद हुईं। अब तक पाँच मामलों का खुलासा हो चुका है और शेष बरामद बैटरियों से जुड़े अन्य मामलों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी त्वरित आर्थिक लाभ के लिए कार और ट्रक की बैटरियाँ चोरी करते थे। मुख्य आरोपी, जो रिक्शा चालक था, अपने साथी के साथ तड़के सुबह या देर रात अंधेरे या सुनसान जगहों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाता था। चोरी की गई बैटरियाँ रिसीवरों और कबाड़ियों को सस्ते दामों पर बेच दी जाती थीं, जो उन्हें आगे कबाड़ बाजार में ऊँचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। आसानी से खरीदार मिलने और बैटरियों के ऊँचे पुनर्विक्रय मूल्य ने आरोपियों को इस अपराध की ओर बार-बार प्रेरित किया।









