Home अन्य समाचार DTC बसों में महिलाओं के लिए फ्री सर्विस होगी बंद?

DTC बसों में महिलाओं के लिए फ्री सर्विस होगी बंद?

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नई दिल्ली/27फरवरी: दिल्ली परिवहन निगम (DTC) पर 60 हजार करोड़ का कर्ज नवगठित रेखा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन रह है। प्रतिदिन भी निगम में घाटा बढ़ रहा है। इस आर्थिक संकट में महिलाओं की फ्री बस सेवा सरकार के लिए अग्निपरीक्षा से कम नही है। पिछली आप सरकार निगम का यह 60 हजार करोड़ का घाटा वर्तमान रेखा सरकार को उपहार में दे गई है।दूसरे शब्दों में कहें तो आप की सरकार अपने दोनों ही कार्यकाल में पर्याप्त बसें खरीदने में विफल रही है। 2015 से 2020 के कार्यकाल में यह सरकार एक बस भी नहीं खरीद सकी थी।

कैग रिपोर्ट ने पूर्व की आप सरकार की नाकामी और लापरवाही को उजागर कर दिया है। कैग ने इस बात से पर्दा उठा दिया है कि किस तरह से सरकार की लापरवाही के चलते डीटीसी का घाटा बढ़ता जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार रूट निर्धारण में गड़बड़ी के कारण  दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को भारी नुकसान। तीन वर्षों में दिल्ली परिवहन निगम का घाटा 35 हजार करोड़ से ऊपर पहुंच गया। वर्ष 2012 के दिल्ली सरकार के मानक के अनुसार, 5500 बसों की जरूरत थी। इसकी तुलना में लगभग चार हजार बसें चलती हैं। 2015-16 के 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में लगभग 60,750 करोड़ हो गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह घाटा इसलिए भी बढ़ गया है कि 45% बसें ओवरएज हैं और बड़े स्तर पर खराब रहती हैं। जिसके परिणाम स्वरूप बेड़े का उपयोग औसत से कम है। लेखा परीक्षक ने कई खामियों की ओर इशारा किया है, जिसमें परिवहन उपयोगिता की अपने बेड़े को बढ़ाने में असमर्थता भी शामिल है।