Home अन्य समाचार 75 साला आजादी को भ्रष्टाचार ने काट खाया

75 साला आजादी को भ्रष्टाचार ने काट खाया

  • देखो! सरकारी अस्पतालों में रेबीज के इंजेक्शन नहीं।


निशांत सिंह

सरकारी अस्पतालों में रेबीज के इंजेक्शन नहीं, ये हाल है राजधानी दिल्ली का। मगर करोगे क्या ? खरीदो..! वरना मरो, क्योंकि जीना है तो इंजेक्शन लगवाना ही पड़ेगा। लगवाना है तो खरीदना ही पड़ेगा।
क्योंकि 75 साला आजादी की यही तो उपलब्धियाँ हैं। भगवान बचाए ऐसे भ्रष्टाचारियों से। खैर! इधर सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं, उधर जेब में पैसे नहीं। ऊपर से ये भी नहीं मालूम कि नहीं लगवाए तो कुत्ते का जहर डस लेगा, मौत उठा लेगी। पूर्वी दिल्ली का जीटीबी अस्पताल, वेस्ट दिल्ली का इंद्रा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे बड़े अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं। समस्या टीम ने कुछ ऐसे लोग खोजे जिन्हें कुत्ते ने काट लिया। अस्पताल गए तो इंजेक्शन नहीं मिले, बाहर खरीदने गए तो पैसे कम पड़ गए। जिनमें निखिल शर्मा भी शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय टीम को बताया न तो हमारे पास पैसे हैं। मगर जब नोएडा पहुँचे तो इंजेक्शन भी मिल गया और ट्रीट भी ठीक से किया गया। भला बताओ! एक योगी सरकार और ब्रजेश पाठक जैसे मंत्री वहां सब ठीक मिला। मगर जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, वहाँ जैसे सब भगवान भरोसे। बहरहाल, समस्या टीम ने कुछ और लोग खोजे तो उनका दुखड़ा और भी अलग मिला। जिन्हें पहली खुराक मिलनी थी, वो भी अस्पताल में नहीं और जिन्हें पहली खुराक मिल चुकी, उनके लिए दूसरी खुराक नहीं मिली। कहा खत्म हो गई। बहरहाल, रेबीज एक ऐसा संक्रमण है जो सीधा दिमाग में हमला करता है। अक्सर मौत भी हो जाती है, मगर मौत मिलते-मिलते भी तमाम तरह के दर्द झेलने पड़ते है। 

Exit mobile version