संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में गुरुवार को विपक्षी सांसदों के आक्षेप भरे स्लोगन लगी जैकेट पहनकर आने पर आपत्ति जताई और कहा कि विपक्ष ने अपने फैशन शो से सदन की गरिमा गिराई है।
नई दिल्ली, 5 दिसंबर। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने शून्य काल में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अवसर दिया था लेकिन विपक्षी सदस्य संसद के अंदर जैकेट पहन कर आए। हमने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में नियम बनाया था कि स्लोगन, प्लेकार्ड और अन्य इस तरह का पहनावा नहीं पहनेंगे। इसके बावजूद विपक्ष ने इस तरह के कपड़े पहनकर संसद परिसर में फैशन शो शुरू किया है, यह संसद की गरिमा को गिराता है। वे विपक्ष के इस कृत्य की निंदा करते हैं। विपक्ष को ऐसा दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए। आज कई महत्वपूर्ण विधायक आने हैं। वे आग्रह करते हैं कि हंगामे से कुछ नहीं होगा। इससे लोगों में गलत संदेश जाता है।
लोकसभा में गुरुवार को विपक्षी सदस्य ‘एक हैं तो सैफ हैं’ के स्लोगन के साथ तस्वीर बनी जैकेट पहनकर आए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी ऐसी ही टीशर्ट पहनी थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उद्योगपति गौतम अडानी से जोड़ते हुए कटाक्ष किया गया था।
लोकसभा अध्यक्ष ने शून्य काल के प्रारंभ में इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि कार्यमंत्रणा समिति में तय हो गया था लेकिन विपक्ष नियम का पालन नहीं कर रहा है। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष की आपत्ति पर सदन के बीचों बीच आकर नारे बाजी की। विपक्षी नेताओं ने एक हैं तो सेफ हैं के नारे लगाए।
विपक्ष के शोर शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को संभल मुद्दे पर बोलने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा नेता निशिकांत दूबे अपना विषय रखेंगे और इसके बाद गौरव गोगोई संभल विषय पर बोलेंगे।
भाजपा नेता निशिकांत दूबे ने इस दौरान फ्रांसीसी अखबार में स्वतंत्र पत्रकारों के एक समूह के बारे में छपी खबर का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि समूह को अमेरिका की ओर से फंडिंग होती है। निशिकांत दूबे ने इसको लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि देश के आर्थिक पक्ष पर हमला करने के लिए यह समूह रिपोर्ट करता आया है। विपक्ष ऐसे लोगों को सपोर्ट करता है।
इसके बाद पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार शुरु हो गई और सदन में हंगामा हुआ। हंगामा बढ़ते देख कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि 2 बजे दोबारा सदन शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। विपक्ष लगातार अपने मुद्दे उठाता रहा। इसी बीच रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने रेलवे संशोधन विधेयक पर जवाब देना चाहा। हालांकि हंगामे के बीच ऐसा नहीं हो पाया और कार्यवाही को एक बार फिर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।