- अपराधिक विषय पर कार्य करने के लिए लॉ, टेक्नोलोजी और फाॅरेंसिक का ज्ञान जरुरीः राजीव कृष्णा, डीजीपी, उ0प्र0
- संस्थान की प्रगति उसके लीडरशिप पर निर्भर करती हैः डीजीपी उ0प्र0
(निशांत सिंह)
लखनऊ। पाताल तोड़ अपराध, आसमान धमकाते अपराधी, मगर पकड़ने वाले जीरो।
मतलब पढ़े-लिखे अपराधी, और माॅडर्न अपराध, मगर पकड़ने वाले ना उनकी पूंछ जानते, ना उनके बाल। भला बताओ इन हालात में अपराध आसमान नहीं छुयेंगे तो क्या होगा? रोज हजारों अपराध, पकड़े वाले पांच भी नहीं पकड़ पाते, इसी समस्या से निपटने के लिए डीजीपी ने एक स्कूल खोला है, ताकि पढ़े-लिखे अपराध जानने समझने, उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस भी पढ़ी-लिखी बन सके। डीजीपी राजीव कृष्णा ने आज एक संस्था उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट आॅफ फाॅरेंसिक साइंस का उद्घाटन किया, ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिर्सच एन्ड डेवलपमेन्ट के सौजन्य से आयोजित वर्टिकल इन्टेरेक्शन कोर्स की जानकारी दी जायेगी।
शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 श्री राजीव कृष्णा एवं अति विशिष्ट अतिथि बीपीआर एन्ड डी के एडीजी श्री जोसेफ आर.के. लोक्कू रहें, जिन्हें संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ जी.के.गोस्वामी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा प्रशिक्षण हेतु तैयार एडवांस डिजिटल डाईगनोंस्टिक कक्ष का उद्घाटन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राजीव कृष्णा, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक विषय पर कार्य करने के लिए हमें तीन बेसिक विषयों का ज्ञान होना जरूरी है। जिसमे पहला है कानून, दूसरा टेक्नोलोजी और तीसरा फाॅरेंसिक। आज जिस कोर्स का यूपीएसआईएफएस में शुभारम्भ हुआ है उसमे यह विषय समाहित हैं। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह संस्थान बहुत ही कम समय में क्रियाशील होकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति की तरफ दिनों-दिन बढ़ रहा है यह अपने आप में एक मिशाल है क्योकि किसी भी संस्थान की प्रगति उसके लीडरशिप पर निर्भर करती है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि साइबर अपराधी बहुत तेजी से टेक्नोलोजी का प्रयोग कर अपराध को अंजाम दे रहे हैं इस कारण हमारे पुलिस के सभी स्तर को प्रशिक्षण एवं दक्ष करने की आवश्यकता है, इसके लिए हमे गतिमान होकर साइबर तकनीकी को अधिक से अधिक जानना होगा तभी हम साइबर अपराधियों से लड़ पायेगे और अपने अधीनस्थ कर्मियों को गाइड कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब युद्व धरातल पर नहीं हो रहे हैं बल्कि साइबर दुनिया में हो रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों से कहा कि आप यहां से ज्ञान लेकर जाये और अपने सिस्टम में तकनीकी ज्ञान का प्रयोग कर,े जिससे आमजन मानस और पुलिसिंग के लिए ज्ञान वर्धक हो सके।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री रवि जोसेफ लोक्कू अपर पुलिस महानिदेशक बीपीआर एन्ड डी ने कहा कि यह संस्थान सेन्ट्रल संस्थानों के बराबर में खड़ा हो रहा है, जिसके कम समय में तीब्र विकास के लिए डॉ0 जी0के0गोस्वामी धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलोजी को हम अपराध कें नियंत्रण में कैसे प्रयोग कर सकते हैं ? सीखने और समझने के लिए यह संस्थान हमें महत्वपूर्ण अवसर दे रहा है।
इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ0 जी0के0 गोस्वामी ने संस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में संस्थान में हमने बीपीआर एन्ड डी के सहयोग से दो कोर्स लांच किये हैं, जिसमे पुलिस अधिकारियों के लिए पहले कोर्स कि शुरुआत आज से की गयी है । उन्होने यह भी कहा कि हमारा फोकस “लॉ विद लैब” पर विशेष रूप से है क्योकि जब तक कानून विशेषज्ञ को तकनीकी विषयों की जानकारी नहीं होगी और वैज्ञानिकों को कानून की जानकारी नहीं होगी तब तक इस क्षेत्र की सम्पूर्णता हो ही नहीं सकती। उन्होंने पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक बीपीआर एन्ड डी के एडीजी का विशेष आभार प्रकट करते हुये कहा कि यह हमारे संस्थान के लिए गर्व का विषय है कि आज पहली बार हम सैन्य अधिकारियों के बाद भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को साइबर एवं फाॅरेंसिक विषयों पर प्रशिक्षण देने जा रहे हैं।
इस अवसर पर अपर निदेशक श्री राजीव मल्होत्रा ने सभागार में बैठे समस्त अधिकारियों फैकलिटीज एवं आईपीएस प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यूपीएसआईएफएस के अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजिव मुखर्जी, श्री अतुल यादव, श्री विवेक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी श्री संतोष कुमार तिवारी प्रतिसार निरीक्षक श्री बृजेश सिंह, फैकल्टीज डॉ श्रुति दास, श्री चन्द्रमोहन सिंह, श्री गिरिजेश राय, डॉ सपना शर्मा, डॉ नेहा, डॉ निताशा एवं कार्तिकेय, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।









