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एनजीटी की सुनवाई निष्पक्ष और स्थिर होनी चाहिए….!

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एनजीटी की सुनवाई निष्पक्ष, स्थिर, और हनकदार होनी चाहिए…! देखो- अफसर छल कपट लिख ले जाएं, और मनचाहा आदेश लाने लग जाएं, यह ऐसा पढ़ा लिखा भ्रष्टाचार है, जो देश उसकी प्राकृतिक संपदाएं कभी जिंदा नहीं होने देगा…! देखो- कोई बिना लाइसेंस, हजार भैंस रोज काट रहा, बिना ईटीपी, हजार केएलडी खून पानी रोज बहा रहा, कोई बेहिसाब जानवर काट रहा, स्लाॅटर हाउस के खून पानी से पाताल दूषित कर रहा, भला बताओ- एनजीटी के होते हुए मरी नदी, अधमरी हवा, देश दिल्ली की पहचान बनने लगी, यह एनजीटी एक्ट का फायदा कैसे कहा जाए, लिहाजा- हमारे हिसाब से सुप्रीम कोर्ट को एनजीटी के ऐतिहासिक फैसले, जानदार गाइडलाइन की रक्षा करनी चाहिए, कभी गाड़ियां बंद करना-चालू करना, कभी स्कूल बंद करना, ना इंसाफ कहा जा सकता, ना मरी नदी अधमरी हवा जिंदा दिखा सकता, खुशबूदार हवा और सेहतमंद पानी के लिए, अमीर पोल्यूटर्स दंडित करने चाहिए, हर साल फरवरी का इंतजार खत्म के लिए असंवैधानिक संस्थाओं को भ्रष्टाचार बर्बाद करना ही चाहिए…! फैक्ट्रियों के अत्याचार अधिकारियों की अनैतिक गतिविधियां देखना ऊपर से शुद्ध हवा का इंतजार करना, ना इंसाफ कहा जा सकता, ना हवा हवाई ख्वाब, देश को हवा, पानी जिंदा दिखा सकते…!