Home अपराध मंदिरों में चोरी करने वाला गिरफ्तार

मंदिरों में चोरी करने वाला गिरफ्तार

(निशांत सिंह)

  • मयूर विहार फेज़-3 के मंदिर में हुई थी चोरी, आरोपी गिरफ्तार
  • कब्जे से चोरी किया गया धन व सामान बरामद
  • पूर्वी जिले के कई मंदिरों में चोरी की घटनाओं से जुड़ा था आरोपी का नाम
  • CCTV फुटेज व आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर हुई पहचान।

नई दिल्ली। दिनांक 12.07.2025 को पीसीआर कॉल प्राप्त हुई जिसमें मयूर विहार फेज़-3, दिल्ली स्थित हनुमान मंदिर में चोरी की सूचना दी गई। यह कॉल एसआई संदीप को मार्क की गई, जो तुरंत मौके पर पहुँचे, मंदिर के पुजारी का बयान दर्ज किया और पीएस ग़ाज़ीपुर में एफआईआर संख्या 338/25 धारा 305(A)/331(4)/3(5)/317(4) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज की गई। मामले की गंभीरता और धार्मिक स्थल से संबंधित होने के कारण, एसएचओ/पीएस ग़ाज़ीपुर के पर्यवेक्षण तथा एसीपी/मधु विहार के समग्र मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम में एसआई संदीप, एचसी जितेन्द्र, और कॉन्स्टेबल अजय शामिल थे।

टीम ने तकनीकी व मैदानी जांच शुरू की। मंदिर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। पुलिस रिकॉर्ड और आपराधिक डोजियर की जांच के बाद एक संदिग्ध की पहचान “मोंटी” के रूप में की गई, जो कि एक जाना-पहचाना स्थानीय अपराधी है। प्राप्त सुरागों के आधार पर की गई कार्रवाई में दिनांक 28.07.2025 को मोंटी को गिरफ्तार किया गया। गहन पूछताछ में मोंटी ने स्वीकार किया कि उसने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर मयूर विहार, न्यू कोंडली और आसपास के क्षेत्रों के कई मंदिरों को निशाना बनाया था। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई नकदी व अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। पूछताछ में अन्य लंबित चोरी के मामलों से भी आरोपी के जुड़ाव के संकेत मिले हैं। जांच जारी है।

आरोपी ने स्वीकार किया कि आर्थिक लालच, असामान्य पारिवारिक परिवेश और आपराधिक प्रवृत्ति के साथियों के प्रभाव में आकर उसने बार-बार धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया। उसका मानना था कि इन स्थलों पर नकद चढ़ावा और कीमती सामान होता है तथा सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर होती है। छोटे मंदिरों को गैर-भीड़भाड़ वाले समय में निशाना बनाना। पहले से रेकी कर मंदिर की संरचना और सुरक्षा कमजोरियों की जानकारी लेना। चुपचाप प्रवेश करना, अक्सर ताले तोड़कर या दीवार फांदकर अंदर जाना। दानपात्र, छोटी मूर्तियाँ और चढ़ावे चुराना। तीन साथियों के साथ मिलकर काम करना — प्रत्येक की भूमिका तय थी: निगरानी, प्रवेश, चोरी, और भागना।

पूर्वी जिला पुलिस सभी धार्मिक स्थलों की प्रबंधन समितियों से अपील करती है कि वे रात्रि-दृष्टि युक्त प्रभावी सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। विशेषकर रात्रि के समय सुरक्षाकर्मी या देखरेख करने वाला व्यक्ति नियुक्त करें। रात्रि में मंदिर परिसर में अधिक नकदी न रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जनता का सहयोग इस प्रकार के अपराधों पर नियंत्रण हेतु अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों से अनुरोध है कि सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की सूचना हेतु पुलिस हेल्पलाइन #112 या सीधे पूर्वी दिल्ली पुलिस से संपर्क करें।

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